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Bhopal News: PHE में कोटेशन से मनमानी खरीदी, करोड़ों का नुकसान,वित्तीय संकट के बाद जागा विभाग,अब मांगी जानकारी

Thu, 23 Apr 2026 06:14 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 23 Apr 2026 06:14 PM IST
सार

PHE में मनमानी खरीदी और अनाप-शनाप रेट के आरोपों ने बड़ा रूप ले लिया है। करोड़ों रुपये की संभावित गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने सख्ती दिखाई है, कोटेशन पर रोक लगाई है और एक साल का पूरा हिसाब मांगा है। आने वाले दिनों में जांच के बाद बड़े खुलासे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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Bhopal News: Arbitrary Procurement via Quotations in PHE Causes Losses Worth Crores; Department Wakes Up After
ईएनसी कार्यालय भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) में खरीदी को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विभाग के भीतर लंबे समय से कोटेशन के जरिए मनमानी तरीके से सामग्री खरीदी जा रही थी, जिसमें बाजार दर से कहीं अधिक कीमत पर सामान खरीदे जाने के आरोप हैं। अब जब वित्तीय दबाव और घाटा बढ़ने लगा, तब विभाग हरकत में आया और सख्त कदम उठाने पड़े।
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अनाप-शनाप रेट पर खरीदी, करोड़ों का खेल उजागर
सूत्रों के अनुसार, विभाग के कई खंड कार्यालयों में जरूरत से ज्यादा मात्रा में और ऊंची दरों पर सामग्री खरीदी गई। भोपाल सहित कई जगहों पर खरीदी में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कई मामलों में सामान की कीमतें बाजार दर से काफी अधिक थीं, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। यह भी संकेत मिले हैं कि बिना उचित स्वीकृति और प्रक्रिया के ही खरीदी और कार्य कराए गए।
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घाटे के बाद विभाग सख्त, जारी हुए निर्देश
वित्तीय स्थिति बिगड़ने और लगातार शिकायतें सामने आने के बाद प्रमुख अभियंता कार्यालय ने सख्ती दिखाते हुए कोटेशन के माध्यम से खरीदी और कार्यों पर रोक लगा दी है। अब बिना अनुमति कोई भी खर्च या कार्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि आदेशों का उल्लंघन करने पर इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा।
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एक साल का पूरा हिसाब मांगा, जांच की तैयारी
सभी अधीनस्थ कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि पिछले एक वर्ष में की गई हर खरीदी और कार्य का विस्तृत ब्यौरा 7 दिनों के भीतर भेजा जाए। इसमें सामग्री का नाम, कार्य का विवरण, किस अधिकारी ने स्वीकृति दी, कब दी, और भुगतान से जुड़े बाउचर नंबर व तारीख तक की जानकारी मांगी गई है। इस कदम को विभाग में बड़े स्तर पर ऑडिट और जांच की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।


अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, कार्रवाई के संकेत
विभाग ने मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्रियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। अगर जांच में अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। विभाग अब हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने और खर्चों को नियंत्रित करने की दिशा में काम कर रहा है।

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पहले भी गड़बड़ियों के संकेत, अब खुल रही परतें
निर्देशों में यह भी संकेत मिला है कि पिछले वर्षों में भी कोटेशन के जरिए बड़ी मात्रा में खरीदी और कार्य कराए गए, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आते हैं। अब इन मामलों की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं और विभाग पुराने रिकॉर्ड खंगालने में जुट गया है।



 
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