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Bhopal News: स्वच्छता से इलाज तक मिसाल बना एम्स भोपाल, स्वच्छ भारत मिशन में मिला 2 करोड़ का कायाकल्प पुरस्कार
Fri, 26 Dec 2025 05:58 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 26 Dec 2025 05:58 PM IST
सार
एम्स भोपाल को स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और बेहतर रोगी सेवाओं के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2 करोड़ रुपए का कायाकल्प पुरस्कार मिला है। यह सम्मान देश के चुनिंदा सरकारी अस्पतालों को दिया गया, जिससे एम्स भोपाल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी का एम्स भोपाल स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की देखभाल के बेहतर मानकों के चलते राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने एम्स भोपाल को 2 करोड़ रुपए का कायाकल्प पुरस्कार दिया है। यह सम्मान देश के चुनिंदा सरकारी अस्पतालों और संस्थानों को दिया जाता है, जो स्वच्छता और गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। एम्स भोपाल को यह पुरस्कार अस्पताल परिसर की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, पर्यावरणीय प्रबंधन और रोगी-केंद्रित सेवाओं में बेहतर कार्य के लिए मिला है। इस उपलब्धि को अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और सहयोगी कर्मियों की सामूहिक मेहनत का नतीजा माना जा रहा है।
देशभर में सिर्फ चुनिंदा संस्थानों को मिला सम्मान
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से वर्ष 2024-25 के लिए कुल 9.57 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देश के बेहतरीन सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को दी गई है। इस सूची में एम्स भोपाल को 2 करोड़ रुपए की राशि देकर प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके अलावा एम्स दिल्ली को 3 करोड़ रुपए, एम्स जोधपुर को 1 करोड़ रुपए, श्री विनोबा भावे सिविल अस्पताल सिलवासा को 31.75 लाख रुपए, एम्स भुवनेश्वर, एम्स पटना और एम्स रायपुर को भी 31.75 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
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स्वच्छता और सुरक्षा का बेहतर मॉडल
एम्स भोपाल में स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित मरीज देखभाल, अपशिष्ट प्रबंधन और संक्रमण रोकथाम पर विशेष फोकस किया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था से न सिर्फ मरीजों को बेहतर इलाज मिलता है, बल्कि कर्मचारियों और डॉक्टरों के लिए भी सुरक्षित कार्य वातावरण बनता है।
यह भी पढ़ें-भोपाल मेट्रो में ग्रुप यात्रियों की एंट्री पर ब्रेक, 15-20 से ज्यादा लोग पहुंचे तो टिकट मिलना मुश्किल
एम्स भोपाल प्रबंधन ने जताया संतोष
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर ने इस उपलब्धि को पूरे संस्थान की टीमवर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मियों और प्रशासनिक टीम के संयुक्त प्रयासों से यह सम्मान हासिल हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य कायाकल्प पुरस्कार का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और रोगी सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ावा देना है। इससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और संक्रमण से बचाव सुनिश्चित किया जाता है।
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देशभर में सिर्फ चुनिंदा संस्थानों को मिला सम्मान
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से वर्ष 2024-25 के लिए कुल 9.57 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि देश के बेहतरीन सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को दी गई है। इस सूची में एम्स भोपाल को 2 करोड़ रुपए की राशि देकर प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके अलावा एम्स दिल्ली को 3 करोड़ रुपए, एम्स जोधपुर को 1 करोड़ रुपए, श्री विनोबा भावे सिविल अस्पताल सिलवासा को 31.75 लाख रुपए, एम्स भुवनेश्वर, एम्स पटना और एम्स रायपुर को भी 31.75 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
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स्वच्छता और सुरक्षा का बेहतर मॉडल
एम्स भोपाल में स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित मरीज देखभाल, अपशिष्ट प्रबंधन और संक्रमण रोकथाम पर विशेष फोकस किया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था से न सिर्फ मरीजों को बेहतर इलाज मिलता है, बल्कि कर्मचारियों और डॉक्टरों के लिए भी सुरक्षित कार्य वातावरण बनता है।
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एम्स भोपाल प्रबंधन ने जताया संतोष
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर ने इस उपलब्धि को पूरे संस्थान की टीमवर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मियों और प्रशासनिक टीम के संयुक्त प्रयासों से यह सम्मान हासिल हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य कायाकल्प पुरस्कार का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और रोगी सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ावा देना है। इससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और संक्रमण से बचाव सुनिश्चित किया जाता है।
