{"_id":"6775485bc52cec88fb0663ad","slug":"bhopal-national-children-s-science-congress-in-bhopal-from-january-3-800-students-and-200-scientists-from-in-2025-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal:भोपाल में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 3 जनवरी से,देश-विदेश से 800 विद्यार्थी 200 वैज्ञानिक पहुंचेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal:भोपाल में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 3 जनवरी से,देश-विदेश से 800 विद्यार्थी 200 वैज्ञानिक पहुंचेंगे
Wed, 01 Jan 2025 07:25 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 01 Jan 2025 07:25 PM IST
सार
भोपाल में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन 3 से 6 जनवरी को किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से अधिक 700 से अधिक विद्यार्थी और 200 से अधिक शिक्षक शामिल होंगे।
विज्ञापन
कार्यक्रम की जानकारी के देते अनिल कोठारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन 3 से 6 जनवरी को किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के 700 से अधिक विद्यार्थी और 200 से अधिक शिक्षक शामिल होंगे। उद्घाटन कार्यक्रम में सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार डॉ अभय कारंदिकर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, आई आई टी इंदौर के निदेशक डॉ सुहास जोशी सम्मिलित होंगे।
गल्फ देशों को विद्यार्थी होंगे शामिल
कर्यक्रम की जानकारी देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अनिल कोठारी ने बताया कि यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन) और राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद् (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार) संयुक्त रूप से रविन्द्र भवन भोपाल में किया जा रहा है। जिसमें पूरे देश के समस्त प्रदेशों से विद्यार्थी, शिक्षकों के साथ ही गल्फं कॉपरेटिव कांउसिल के देश (बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान, कतर एवं सउदी अरब) के विद्यार्थी भी भाग लेंगे। कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रवर्तित है एवं आयोजन की थीम “स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना” है। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न् विषयों पर तकनीकी सत्र, विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होगी। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं छात्रों के मध्य प्रतिदिन फेस टू फेस संवाद भी आयोजित होगा।
कार्यक्रम की गतिविधियां एवं विशेषज्ञ
इस कार्यक्रम में चार दिनों तक विभिन्न विषयों पर 20 से अधिक समानांतर तकनीकी सत्र, विभिन्न विषयों पर कार्यशालाए, खगोल प्रदर्शनी, वॉटर रॉकेटरी, चंद्रयान प्रदर्शनी, कागज से टोपी निर्माण, पर्यावरण सांप सीढ़ी का खेल, गणित सीढ़ी का खेल, जीवविज्ञान प्रदर्शनी, लीफ क्राफट, पर्यावरण प्रदर्शनी, हाईड्रोपोनिक्स, चीता प्रदर्शनी, आकाशीय बिजली से बचाव प्रदर्शनी, लोकगीत द्वारा वैज्ञानिक जागरूकता, रोबोटिक्स कार्यशाला आयोजित होगी। इसके अतिरिक्त देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के साथ रोज छात्रों के मध्य फेस टू फेस संवाद भी किया जावेगा। इन कार्यक्रमों में विभिन्न वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ डॉ चेतन सोलंकी, आईआईटी मुंबई (सोलर मैन), डॉ नन्द कुमार, एम्स दिल्ली, डॉ अरविन्द रानाडे, निदेशक एन आई एफ, डॉ विवेक कुमार, आई आई टी दिल्ली, डॉ चैतन्य पूरी, आइसर पुणे इत्यादि सम्मिलित होंगे।
विज्ञापन
छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने का प्रयास
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अनिल कोठारी ने बताया कि इस कार्यक्रम की व्यापकता, छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने के दृष्टिगत परिषद द्वारा निर्णय लिया गया है कि इसमें स्थानीय विद्यार्थियों को भी सम्मिलित किया जाये। इस आशय हेतु भोपाल शहर के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से वैज्ञानिक प्रदर्श आमंत्रित किये गये है। हमे विश्वास है कि इस कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विद्यार्थियों को दूसरे प्रदेश एवं विदेश से आये विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से संवाद का अवसर प्राप्त होगा साथ ही विभिन्न कार्यशालाओं एवं विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों से उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार के क्षेत्र में ज्ञानार्जन का मौका मिलेगा।
विज्ञापन
गल्फ देशों को विद्यार्थी होंगे शामिल
कर्यक्रम की जानकारी देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अनिल कोठारी ने बताया कि यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन) और राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद् (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार) संयुक्त रूप से रविन्द्र भवन भोपाल में किया जा रहा है। जिसमें पूरे देश के समस्त प्रदेशों से विद्यार्थी, शिक्षकों के साथ ही गल्फं कॉपरेटिव कांउसिल के देश (बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान, कतर एवं सउदी अरब) के विद्यार्थी भी भाग लेंगे। कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रवर्तित है एवं आयोजन की थीम “स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना” है। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न् विषयों पर तकनीकी सत्र, विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होगी। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं छात्रों के मध्य प्रतिदिन फेस टू फेस संवाद भी आयोजित होगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम की गतिविधियां एवं विशेषज्ञ
इस कार्यक्रम में चार दिनों तक विभिन्न विषयों पर 20 से अधिक समानांतर तकनीकी सत्र, विभिन्न विषयों पर कार्यशालाए, खगोल प्रदर्शनी, वॉटर रॉकेटरी, चंद्रयान प्रदर्शनी, कागज से टोपी निर्माण, पर्यावरण सांप सीढ़ी का खेल, गणित सीढ़ी का खेल, जीवविज्ञान प्रदर्शनी, लीफ क्राफट, पर्यावरण प्रदर्शनी, हाईड्रोपोनिक्स, चीता प्रदर्शनी, आकाशीय बिजली से बचाव प्रदर्शनी, लोकगीत द्वारा वैज्ञानिक जागरूकता, रोबोटिक्स कार्यशाला आयोजित होगी। इसके अतिरिक्त देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के साथ रोज छात्रों के मध्य फेस टू फेस संवाद भी किया जावेगा। इन कार्यक्रमों में विभिन्न वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ डॉ चेतन सोलंकी, आईआईटी मुंबई (सोलर मैन), डॉ नन्द कुमार, एम्स दिल्ली, डॉ अरविन्द रानाडे, निदेशक एन आई एफ, डॉ विवेक कुमार, आई आई टी दिल्ली, डॉ चैतन्य पूरी, आइसर पुणे इत्यादि सम्मिलित होंगे।
विज्ञापन
छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने का प्रयास
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अनिल कोठारी ने बताया कि इस कार्यक्रम की व्यापकता, छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने के दृष्टिगत परिषद द्वारा निर्णय लिया गया है कि इसमें स्थानीय विद्यार्थियों को भी सम्मिलित किया जाये। इस आशय हेतु भोपाल शहर के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से वैज्ञानिक प्रदर्श आमंत्रित किये गये है। हमे विश्वास है कि इस कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विद्यार्थियों को दूसरे प्रदेश एवं विदेश से आये विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से संवाद का अवसर प्राप्त होगा साथ ही विभिन्न कार्यशालाओं एवं विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों से उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार के क्षेत्र में ज्ञानार्जन का मौका मिलेगा।
