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Bhopal: पर्यटन निगम के IHTTS संस्थान में खर्च लाखों, छात्रों के प्रवेश जीरो,अब फिनिशिंग स्कूल बनाने की तैयारी
Sat, 23 Aug 2025 07:22 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 23 Aug 2025 07:22 PM IST
सार
इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटिलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज (आईएचटीटीएस) संचालित करने के लिए लाखों खर्च तो किए जा रहे हैं, लेकिन यहां छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। निगम अब संस्थान को हॉस्पिटैलिटी पाठ्यक्रम कराने वाली फिनिशिंग स्कूल बनाने की तैयारी कर रहा हैं।
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इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटिलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज संस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल स्थित एमपी पर्यटन विकास निगम द्वारा करीब 17 साल पहले इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटिलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज (आईएचटीटीएस) शुरू किया गया था। इसे संचालित करने के लिए लाखों खर्च तो किए जा रहे हैं, लेकिन यहां छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हाल यह है कि यहां इस वर्ष एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है। जबकि इसके प्रचार-प्रसार के लिए संस्थान द्वारा काफी प्रयास किए गए थे। संस्थान मे विद्यार्थी नहीं होने के चलते निगम अब इस संस्थान को हॉस्पिटैलिटी पाठ्यक्रम कराने वाली फिनिशिंग स्कूल बनाने की तैयारी कर रहा हैं।
जाने क्या होता है फिनिशिंग स्कूल
हॉस्पिटैलिटी पाठ्यक्रम कराने वाले कई फिनिशिंग स्कूल (या फिनिशिंग स्कूल के समान कार्यक्रम चलाने वाले कॉलेज) हैं जो छात्रों को पेशेवर दुनिया के लिए तैयार करते हैं। फिनिशिंग स्कूल वे होते हैं जो अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तिगत कौशल, नेतृत्व, और व्यावसायिक योग्यता पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं, ताकि छात्र हॉस्पिटैलिटी उद्योग में सफल हो सकें।
चर्चा मे हैं सस्थान की संचालक
आईएचटीटीएस की संचालक डॉ. नीलिमा वर्मा नूतन कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ थी उनके रिटायरमेंट के महज चार माह पहले 2021 में उन्हें संस्थान का डायरेक्टर बना दिया गया। और लगातार अभी तक एक्सटेंशन दिया जा रहा है। जबकि उनको पर्यटन से संबंधित कोई भी कार्य करने का अनुभव नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि संचालक को पर्यटन संबंधित अनुभव नहीं होने की वजह से संस्थान की स्थिति खराब हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीलिमा वर्मा की विभाग के पीएस के पास अभी तक 85 शिकायतें पहुंची हैं, इसके बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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यह भी पढ़ें-राजधानी भोपाल पहुंची देश की पहली मोबाइल टेली-रोबोटिक यूनिट, ऑपरेशन थिएटर के बाहर से की गई सर्जरी
नहीं बंद होगा संस्थान
एमपीटी के एमडी डॉ. ईलैयाराजा टी ने बताया कि स्टूडेंट की कमी के चलते संस्थान को बंद नहीं किया जाएगा। इसमें हॉस्पिटैलिटी पाठ्यक्रम कराने वाली फिनिशिंग स्कूल शुरू की जाएगी। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। जल्द इस पर काम किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-भोपाल में आज प्रदेश का सबसे बड़ा मटकी फोड़ महोत्सव, सुनील शेट्टी और सवाई भट्ट होंगे शामिल
2008 में शुरू हुआ था संस्थान
गौरतलब गै कि पर्यटन निगम द्वारा वर्ष 2008 में भोपाल के भदभदा रोड पर इंस्टीट्यूट ऑफ हास्पिटिलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज की शुरूआत की गई। वर्ष 2018 तक यहां होटल हॉस्पिटिलिट की ट्रेनिंग दी जाती थी, लेकिन इसी साल यहां बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) कोर्स की शुरूआत की गई। इसमें बीबीए टूरिज्म, बीबीए हॉस्पिटिलिटी और बीबीए होटल मैनेजमेंट शामिल किया गया था। पहले दो साल तक यहां ठीक प्रवेश हुए उसके बाद स्थिति खराब होती गई। जिन छात्रों ने प्रवेश लिया भी बीच में ही छोड़ कर चले गए। छात्रों का आरोप है कि यहां पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं होती थी और प्लेसमेंट भी नहीं था।
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जाने क्या होता है फिनिशिंग स्कूल
हॉस्पिटैलिटी पाठ्यक्रम कराने वाले कई फिनिशिंग स्कूल (या फिनिशिंग स्कूल के समान कार्यक्रम चलाने वाले कॉलेज) हैं जो छात्रों को पेशेवर दुनिया के लिए तैयार करते हैं। फिनिशिंग स्कूल वे होते हैं जो अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तिगत कौशल, नेतृत्व, और व्यावसायिक योग्यता पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं, ताकि छात्र हॉस्पिटैलिटी उद्योग में सफल हो सकें।
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चर्चा मे हैं सस्थान की संचालक
आईएचटीटीएस की संचालक डॉ. नीलिमा वर्मा नूतन कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ थी उनके रिटायरमेंट के महज चार माह पहले 2021 में उन्हें संस्थान का डायरेक्टर बना दिया गया। और लगातार अभी तक एक्सटेंशन दिया जा रहा है। जबकि उनको पर्यटन से संबंधित कोई भी कार्य करने का अनुभव नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि संचालक को पर्यटन संबंधित अनुभव नहीं होने की वजह से संस्थान की स्थिति खराब हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीलिमा वर्मा की विभाग के पीएस के पास अभी तक 85 शिकायतें पहुंची हैं, इसके बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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नहीं बंद होगा संस्थान
एमपीटी के एमडी डॉ. ईलैयाराजा टी ने बताया कि स्टूडेंट की कमी के चलते संस्थान को बंद नहीं किया जाएगा। इसमें हॉस्पिटैलिटी पाठ्यक्रम कराने वाली फिनिशिंग स्कूल शुरू की जाएगी। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। जल्द इस पर काम किया जाएगा।
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2008 में शुरू हुआ था संस्थान
गौरतलब गै कि पर्यटन निगम द्वारा वर्ष 2008 में भोपाल के भदभदा रोड पर इंस्टीट्यूट ऑफ हास्पिटिलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज की शुरूआत की गई। वर्ष 2018 तक यहां होटल हॉस्पिटिलिट की ट्रेनिंग दी जाती थी, लेकिन इसी साल यहां बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) कोर्स की शुरूआत की गई। इसमें बीबीए टूरिज्म, बीबीए हॉस्पिटिलिटी और बीबीए होटल मैनेजमेंट शामिल किया गया था। पहले दो साल तक यहां ठीक प्रवेश हुए उसके बाद स्थिति खराब होती गई। जिन छात्रों ने प्रवेश लिया भी बीच में ही छोड़ कर चले गए। छात्रों का आरोप है कि यहां पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं होती थी और प्लेसमेंट भी नहीं था।
