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Bhopal: राजधानी भोपाल पहुंची देश की पहली मोबाइल टेली-रोबोटिक यूनिट, ऑपरेशन थिएटर के बाहर से की गई सर्जरी
Sat, 23 Aug 2025 06:28 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 23 Aug 2025 06:28 PM IST
सार
भारत में बनी पहली मोबाइल टेली रोबोटिक सर्जरी यूनिट एसएसआई मंत्रा एम राजधानी भोपाल पहुंची। शहर के एक नजी अस्पताल में एक महिला की बच्चेदानी निकालने की सर्जरी (हिस्ट्रैक्टोमी) किया गया। जिसमें मरीज ओटी में थी, ऑपरेटिंग सर्जन बस में लगे टेली रोबोटिक कंसोल पर मौजूद थीं।
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सर्जरी के दौरान डॉ. प्रिया भावे चित्तावर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत में बनी पहली मोबाइल टेली रोबोटिक सर्जरी यूनिट एसएसआई मंत्रा एम राजधानी भोपाल पहुंची। शहर के एक नजी एसईआर अस्पताल में एक महिला की बच्चेदानी निकालने की सर्जरी (हिस्ट्रैक्टोमी) की गई। जिसमें मरीज ओटी में थी, जबकि ऑपरेटिंग सर्जन बस में लगे टेली रोबोटिक कंसोल पर मौजूद थीं। यह सर्जरी डॉ. प्रिया भावे चित्तावर और उनकी टीम द्वारा की गईं। डॉ. चित्तवार के अनुसार, यह मध्य भारत में महिलाओं पर की गई पहली टेली-रोबोटिक सर्जरी और भारत में दूसरी ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सर्जन दूरस्थ कंसोल से रोबोट को नियंत्रित करते हैं और ओटी में रोबोट वास्तविक सर्जरी करता है। नियंत्रण पूरी तरह सर्जन के हाथ में रहता है। बस के भीतर लगे कंसोल से सर्जन ने इंस्ट्रूमेंट आर्म्स को कंट्रोल किया, जबकि ओटी के भीतर रोबोट ने सटीक मूवमेंट्स से टिश्यू डिसेक्शन और हेमोस्टेसिस को अंजाम दिया। कैंपस में आए डॉक्टरों और पीजी विद्यार्थियोंं ने लाइव-फीड पर प्रक्रिया देखी और सिस्टम की बारीकियों को समझा।
दिल्ली में बैठा सर्जन भोपाल के पेशेंट का कर सकता है ऑपरेशन
प्रिया भावे चित्तावर ने बताया कि यह मोबाइल वैन है इसके अंदर एक सर्जिकल रोबोट है। इसकी सहायता से प्रदेश भर के चिकित्सकों को रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका फायदा यह है कि अगर दिल्ली में कोई सर्जन है तो उसकी स्किल का लाभ भोपाल में भी पेशेंट को दे सकते हैं। इसके अलावा अगर एक सर्जन किसी कारण बस सर्जरी नहीं कर पा रहा है तो रीमोटली दूसरा सर्जन टेक ओवर कर सकता है। अभी तक हमने भोपाल में तीन टेली रोबोटिक सर्जरी ऑपरेट की है।
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विशेषज्ञों की कमी वाले क्षेत्रों में भी होगी क्वालिटी सर्जरी
मोबाइल टेली-रोबोटिक यूनिट एसएस इनोवेशन ने विकसित की है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां रोबोटिक सर्जरी की पहुंच कम है, वहां टेक्नोलॉजी को मरीज तक ले जाना। टीम का विजन ऐसा नेटवर्क बनाना है कि भोपाल के विशेषज्ञ जरूरत पड़ने पर किसी दूरस्थ जिले के ओटी में रोबोट के जरिए सर्जरी कर सकें। इससे विशेषज्ञों की कमी वाले क्षेत्रों में भी क्वालिटी सर्जरी, समय पर उपलब्ध हो सकेगी।
यह भी पढ़ें-चार करोड़ का बैंक घोटाला, कर्मी ने बीमा पॉलिसी ग्राहक के नाम फर्जी खाता खोलकर किया गबन
700 किमी का सफर पर है यूनिट
जानकारी के मुताबिक यह रोबोटिक सर्जिकल यात्रा 21 अगस्त को गुरुग्राम से शुरू हुई है। भोपाल के बाद यूनिट इंदौर और फिर जबलपुर जाएगी। कुल 9 दिनों में लगभग 700 किमी का सफर तय करते हुए यह बस कई शहरों में रुकेगी, जहां डॉक्टर्स, मेडिकल स्टूडेंट्स और हेल्थ-स्टाफ के लिए लाइव डेमो और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है।
यह भी पढ़ें-भोपाल में आज प्रदेश का सबसे बड़ा मटकी फोड़ महोत्सव, सुनील शेट्टी और सवाई भट्ट होंगे शामिल
जाने क्या है टेली-रोबोटिक सर्जरी
1- सर्जन OT में मौजूद न हो तो भी लो-लेटेंसी कनेक्टिविटी (फाइबर,5G या समर्पित नेटवर्क) के माध्यम से कंसोल से रोबोटिक आर्म्स को चलाते हैं।
2- 3D हाई-डेफिनिशन विजन और फाइन मूवमेंट से सूक्ष्म कट, कम खून बहाव और बेहतर टिश्यू प्रिजर्वेशन संभव होता है।
3- छोटे चीरे और कम ट्रॉमा से कम दर्द, कम अस्पताल में रहने की अवधि, और रोगी की जल्दी वापसी संभव।
4- छोटे शहरों/जिलों में बैठे मरीज को मेट्रो-लेवल विशेषज्ञता मिल सकती है। यात्रा, खर्च और देरी, तीनों घटते हैं।
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दिल्ली में बैठा सर्जन भोपाल के पेशेंट का कर सकता है ऑपरेशन
प्रिया भावे चित्तावर ने बताया कि यह मोबाइल वैन है इसके अंदर एक सर्जिकल रोबोट है। इसकी सहायता से प्रदेश भर के चिकित्सकों को रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका फायदा यह है कि अगर दिल्ली में कोई सर्जन है तो उसकी स्किल का लाभ भोपाल में भी पेशेंट को दे सकते हैं। इसके अलावा अगर एक सर्जन किसी कारण बस सर्जरी नहीं कर पा रहा है तो रीमोटली दूसरा सर्जन टेक ओवर कर सकता है। अभी तक हमने भोपाल में तीन टेली रोबोटिक सर्जरी ऑपरेट की है।
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विशेषज्ञों की कमी वाले क्षेत्रों में भी होगी क्वालिटी सर्जरी
मोबाइल टेली-रोबोटिक यूनिट एसएस इनोवेशन ने विकसित की है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां रोबोटिक सर्जरी की पहुंच कम है, वहां टेक्नोलॉजी को मरीज तक ले जाना। टीम का विजन ऐसा नेटवर्क बनाना है कि भोपाल के विशेषज्ञ जरूरत पड़ने पर किसी दूरस्थ जिले के ओटी में रोबोट के जरिए सर्जरी कर सकें। इससे विशेषज्ञों की कमी वाले क्षेत्रों में भी क्वालिटी सर्जरी, समय पर उपलब्ध हो सकेगी।
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700 किमी का सफर पर है यूनिट
जानकारी के मुताबिक यह रोबोटिक सर्जिकल यात्रा 21 अगस्त को गुरुग्राम से शुरू हुई है। भोपाल के बाद यूनिट इंदौर और फिर जबलपुर जाएगी। कुल 9 दिनों में लगभग 700 किमी का सफर तय करते हुए यह बस कई शहरों में रुकेगी, जहां डॉक्टर्स, मेडिकल स्टूडेंट्स और हेल्थ-स्टाफ के लिए लाइव डेमो और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है।
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जाने क्या है टेली-रोबोटिक सर्जरी
1- सर्जन OT में मौजूद न हो तो भी लो-लेटेंसी कनेक्टिविटी (फाइबर,5G या समर्पित नेटवर्क) के माध्यम से कंसोल से रोबोटिक आर्म्स को चलाते हैं।
2- 3D हाई-डेफिनिशन विजन और फाइन मूवमेंट से सूक्ष्म कट, कम खून बहाव और बेहतर टिश्यू प्रिजर्वेशन संभव होता है।
3- छोटे चीरे और कम ट्रॉमा से कम दर्द, कम अस्पताल में रहने की अवधि, और रोगी की जल्दी वापसी संभव।
4- छोटे शहरों/जिलों में बैठे मरीज को मेट्रो-लेवल विशेषज्ञता मिल सकती है। यात्रा, खर्च और देरी, तीनों घटते हैं।
