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Bhopal: कमलनाथ बोले-सफेद हाथी साबित हो रही आयुष्मान योजना, सूची से हटाई गई 196 बीमारियों को शामिल करने की मांग

Thu, 12 Dec 2024 09:24 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 12 Dec 2024 09:24 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आयुष्मान भारत योजना को सफ़ेद हाथी करार दिया है, कमलनाथ ने इस योजना में शामिल बीमारियों की सूची से 196 बीमारियों को हटाने पर ऐतराज जताते हुए इसे वापस सूची में शामिल करने की मांग की है।

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Bhopal: Kamal Nath said- Ayushman Yojana is proving to be a white elephant, demand to include 196 diseases rem
पूर्व सीएम कमलनाथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आयुष्मान भारत योजना को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाये हैं, उन्होंने इसे सफ़ेद हाथी करार दिया है, कमलनाथ ने इस योजना में शामिल बीमारियों की सूची से 196 बीमारियों को हटाने पर ऐतराज जताते हुए इसे वापस सूची में शामिल करने की मांग की है। दरअसल 2018 में मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना में पात्र हितग्राही को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है, हाल ही में इस योजना में 70 साल से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है, इस योजना में 1760 बीमारियों का इलाज निजी अस्पतालों में करवाने की सुविधा सरकार ने दी लेकिन कुछ शिकायतों के बाद सरकार ने 196 बीमारियों को इलाज वाली सूची से अब हटा दिया है, यानि अब इन 196 बीमारियों का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में नहीं होगा।
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निजी अस्पतालों ने 196 बीमारियों को सूची से बाहर किया 
 पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने  एक्स पर लिखा कि आयुष्मान योजना धीरे-धीरे सफ़ेद हाथी बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में 196 बीमारियों को निजी अस्पतालों में इलाज की सूची से बाहर कर दिया गया है। दूसरी तरफ़ सरकारी अस्पतालों में उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। कमलनाथ ने लिखा कि मलेरिया, मोतियाबिंद का ऑपरेशन, छोटे बच्चों की बीमारी, बुजुर्गों की कई बीमारियाँ निजी अस्पतालों में इलाज से बाहर कर दी गई हैं।  बड़ी संख्या में बीमारियों को निजी अस्पतालों में उपचार से बाहर करने से आयुष्मान कार्ड धारक उपचार कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। मध्य प्रदेश पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में निचले पायदान पर है और उस पर आयुष्मान कार्ड का अप्रभावी हो जाना लोक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत चिंता का विषय है।
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इस विषय में गंभीरता से विचार करें मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि  स्वास्थ्य की रक्षा करना और अच्छा उपचार कराना हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि इस विषय में गंभीरता से विचार करें और एक कमेटी बनाकर बहुत सारी बीमारियों को दोबारा निजी अस्पतालों में उपचार के लिए खोला जाए। जो अस्पताल आयुष्मान कार्ड का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन पर निश्चित तौर पर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं कि मध्य प्रदेश के ज़रूरतमंद नागरिक उपचार से वंचित कर दिए जाएं।
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