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Bhopal: तीन साल बाद भी नहीं हुई GNM नर्सिंग प्रथम वर्ष की परीक्षा, छात्र संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
Thu, 13 Feb 2025 06:32 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 13 Feb 2025 06:32 PM IST
सार
जीएनएम नर्सिंग के विधार्थियों को तीन साल हो गए हैं लेकिन अभी तक उनकी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं नहीं हो पाई है। जिस वजह से GNM नर्सिंग छात्रों का भविष्य अंधकार में है। छात्र संगठन NSUI ने परीक्षा जल्द कराने की मांग की है।
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नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जीएनएम नर्सिंग के विधार्थियों को तीन साल हो गए हैं लेकिन अभी तक उनकी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं नहीं हो पाई है। जिस वजह से GNM नर्सिंग छात्रों का भविष्य अंधकार में है। छात्र संगठन NSUI ने परीक्षा जल्द कराने की मांग की है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अध्यक्ष मनोज सरियाम को ज्ञापन सौंपकर जीएनएम (GNM) नर्सिंग के 2022-23 बैच के छात्र-छात्राओं की लंबित परीक्षाओं को तत्काल आयोजित करने की मांग की है।
छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अंधकार मे
परमार ने बताया कि जीएनएम एक डिप्लोमा कोर्स हैं जिसकी अवधि तीन वर्ष की होती है और उसकी परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की रहती हैं, लेकिन 2022-23 बैच के विद्यार्थियों को प्रवेश लिए तीन साल बीतने के बावजूद उनकी प्रथम वर्ष की परीक्षा अब तक आयोजित नहीं की गई है। इससे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अंधकारमय हो गया है और वे मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान हैं।
नर्सिंग फर्जीवाड़े की सजा भुगत रहे निर्दोष छात्र
रवि परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में हुए नर्सिंग फर्जीवाड़े की सजा अब उन निर्दोष हजारों छात्र-छात्राओं को भुगतनी पड़ रही है, जिन्होंने पूरी मेहनत से अपनी पढ़ाई की है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वास्तविक दोषियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि छात्रों को अनिश्चितता और मानसिक तनाव का शिकार होना पड़ रहा है। परमार ने कहा कि परीक्षा न होने से छात्रों की रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही है, जिससे उनके करियर और रोजगार के अवसर बाधित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काउंसिल जल्द से जल्द परीक्षा कार्यक्रम जारी कर परीक्षा आयोजित नहीं करवाती है, तो NSUI छात्र हित में उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।
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छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अंधकार मे
परमार ने बताया कि जीएनएम एक डिप्लोमा कोर्स हैं जिसकी अवधि तीन वर्ष की होती है और उसकी परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की रहती हैं, लेकिन 2022-23 बैच के विद्यार्थियों को प्रवेश लिए तीन साल बीतने के बावजूद उनकी प्रथम वर्ष की परीक्षा अब तक आयोजित नहीं की गई है। इससे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अंधकारमय हो गया है और वे मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान हैं।
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नर्सिंग फर्जीवाड़े की सजा भुगत रहे निर्दोष छात्र
रवि परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में हुए नर्सिंग फर्जीवाड़े की सजा अब उन निर्दोष हजारों छात्र-छात्राओं को भुगतनी पड़ रही है, जिन्होंने पूरी मेहनत से अपनी पढ़ाई की है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वास्तविक दोषियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि छात्रों को अनिश्चितता और मानसिक तनाव का शिकार होना पड़ रहा है। परमार ने कहा कि परीक्षा न होने से छात्रों की रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही है, जिससे उनके करियर और रोजगार के अवसर बाधित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काउंसिल जल्द से जल्द परीक्षा कार्यक्रम जारी कर परीक्षा आयोजित नहीं करवाती है, तो NSUI छात्र हित में उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।
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