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Bhopal: बीयू से संबद्ध निजी कॉलेजों में अब नहीं चलेगा फैकल्टी फर्जीवाड़ा, वेबसाइट पर अपलोड होगी पूरी जानकारी

Thu, 06 Mar 2025 08:13 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 06 Mar 2025 08:13 PM IST
सार

Barkatullah University: बीयू से संबद्ध निजी कॉलेजों में  फैकल्टी फर्जीवाड़ा पर रोक लगने जा रही है। शिकायत है कि एक शिक्षक दो-दो कॉलेज में सेवाएं दे रहे है। प्रबंधन ने इसे लेकर सभी कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि पूरे फैकल्टी की फोटो युक्त जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करें।

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Bhopal: Faculty fraud will no longer be allowed in private colleges affiliated to BU, full information will be
बीयू भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) से संबद्ध निजी कॉलेजों में अब फैकल्टी फर्जीवाड़ा पर रोक लगने जा रही है। दरअसल लगातार शिकायत आ रही थी कि एक शिक्षक दो-दो कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं। बीयू प्रबंधन ने इसे लेकर सभी कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि पूरे फैकल्टी की फोटो युक्त जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करें। एमबीए, लॉ और बीएड के 130 कॉलेजों में नियुक्त 3300 प्रोफेसरों का फोटोयुक्त डाटा विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।इसके बाद बीयू प्रदेश का पहला विवि होगा, जहां निजी कॉलेजों के प्रोफेसरों का डाटा किसी स्वशासी विवि की वेबसाइट पर दिखाई देगा।
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निरीक्षण में के दौरान मिला था फर्जीवाड़ा
जानकारी के लिए बतादें कि कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार जैन द्वारा हाल ही में बीयू से संबद्ध प्राइवेट कॉलेजों के निरीक्षण में फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें पता चला कि प्रोफेसर पदस्थ कहीं और हैं और पढ़ा कहीं और रहे हैं। कई ऐसे कॉलेजों ने संबद्धता ली है, जहां पदस्थ प्रोफेसर दो-दो और तीन-तीन कॉलेजों में कार्यरत हैं। अब विवि ने इन कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही इन कॉलेजों के प्रोफेसरों का डाटा बीयू की वेबसाइट पर अपलोड होगा।
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प्रोफेसर भी कर सकते हैं शिकायात
बीयू प्रबंधन का कहना है कि कॉलेजों का डाटा सार्वजनिक होने से प्रोफेसर देख पाएंगे कि वे जहां पदस्थ हैं, उनके स्थान पर कोई और प्रोफेसर तो नियुक्त नहीं है। गड़बडी मिलती है, तो बीयू में शिकायत कर सकते हैं। गोपनीयता के लिए रजिस्ट्रार को ई-मेल आईडी पर मेल भी कर सकते हैं। दरअसल कॉलेज प्रोफेसरों को नियुक्त करने के बाद उन्हें दो-दो, तीन-तीन माह तक वेतन नहीं देते हैं। मजबूरी में वह नौकरी छोड़कर दूसरे कॉलेज में चले जाते हैं। ऐसे प्रोफेसर भी अपनी शिकायत बीयू से कर सकते हैं। बीयू इनकी पूरी सैलरी दिलाएगा।
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