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Bhopal: वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर विभाग अलर्ट पर,एम्स के चिकित्सकों ने दीपावली पर आंखों को बचाने दिए टिप्स
Wed, 30 Oct 2024 08:30 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 30 Oct 2024 08:30 PM IST
सार
राजधानी भोपाल में वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। एम्स के चिकित्सकों ने दीपावली पर आंखों को बचाने टिप्स दिए हैं। सभी स्वास्थ्य केन्द्रो पर दवाईयां और चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुरुवार को राजधानी भोपाल समेत देश भर में दीपावली मनाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग वायु और ध्वनि प्रदूषण को लेकर अलर्ट है। विभाग ने ठंड के साथ त्योहारों को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था के साथ नेब्युलाइज़र, वेंटिलेटर जैसे उपकरण उपलब्ध रखने समेत कई अहम निर्देश दिए हैं। भोपाल स्थित एम्स के चिकित्सकों ने दीपावली में पटाखे जलाते समय आंखों की कैसे सुरक्षा करें की टिप्स दिए हैं। भोपाल सीएमएचओ डॉक्टर प्रभाकर तिवारी ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों को कई जरूरी निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में सभी जरूरी दवाइयां, ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था के साथ नेब्युलाइज़र, वेंटिलेटर जैसे उपकरण उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है।
इन विभागों को दिए निर्देश
डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि जनरल ओपीडी, मेडिसिन, शिशु रोग, श्वसन रोग, हृदय रोग, और न्यूरोलॉजी ओपीडी में आवश्यक दवाइयों और सुविधाओं का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए है। इसके अलावा वायु गुणवत्ता सूचकांक पर 24 घंटे सातों दिन मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है।
एम्स भोपाल के नेत्र रोग विभाग द्वारा सुरक्षित दिवाली मनाने के लिए कुछ सुझाव दिये गये हैं जिन्हें अपनाकर खुशियों वाली दिवाली मनाएं ।
दीपावली में आंख में चोट लगने की स्थिति में
- अपनी आंख में चोट लगने की स्थिति में हाथों से न रगड़े। ऐसा करने से चोट और भी बढ़ सकती है।
- चोट लगने की स्थिति में आंखों पर कपड़ा न बांधे। जिससे आंखों पर अनुचित दबाव पड़ सकता है। आंखों को आई कव या आई शील्ड से कवर करें।
- आंखों में रासायनिक पदार्थों के जाने की स्थिति में आंखों को साफ पानी से धोए।
- आंखों पर किसी भी प्रकार की चोट को नजरअंदाज न करें। चोट गहरी भी हो सकती है, जिससे आपकी दृष्टि को हानि हो सकती है।
- यदि कोई छोटा या बड़ा कण आंखों में चला गया है तो घर पर निकालने की कोशिश न करे।
- आंखों को बंद करे। तुरंत डॉक्टर के पास जाये।
- आंख में रासायनिक पदार्थों के जाने की स्थिति में आंखों को साफ पानी से धोए। रासायनिक पदार्थों में कार्बन मैगनीज सल्फर और हानिकारक अन्य धटक हो सकते हैं। जिससे आपकी दृष्टि को हानि हो सकती है।
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दिवाली के लिए आंखों की सुरक्षा के उपाय
- हमेशा एक वयस्क की निगरानी में आतिशबाजी गतिविधियों करें, विशेष रूप से फुलझड़ियों के साथ।
- खुली जगह में पटाखे फोड़ें और अपनी आंखों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- अपनी आंखों को न रगड़े पटाखों के धुएं या कणों के कारण आपकी आंखों में नुकसान हो सकता है।
- पटाखे फोड़ते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनें।
- छोटे बच्चों को कभी भी आतिशबाजी खेलने या जलाने की अनुमति न दें।
-पटाखों को जलाने के तुरंत बाद सुरक्षित दूरी पर वापस चले जाएं।
- पटाखों को कपड़ों, बालों और खासकर चेहरे (आंखों) से दूर रखने की कोशिश करें।
स्वास्थ्य विभाग का सुझाव
- प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें।
- अत्यधिक प्रदूषण के समय सुबह और देर रात में दौड़ना, जॉगिंग जैसे शारीरिक व्यायाम से बचें।
- घर के अंदर लकड़ी, कोयला, गोबर के कंडे, या केरोसीन का उपयोग नहीं करें।
- सफाई के लिए सूखी झाड़ू की बजाय गीले पोछे का उपयोग करें।
- संतुलित आहार, ताजे फल-सब्जियों का सेवन कर पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट्स लें।
- प्रदूषण-जनित स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण जैसे सांस में तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन या सीने में दबाव महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
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इन विभागों को दिए निर्देश
डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि जनरल ओपीडी, मेडिसिन, शिशु रोग, श्वसन रोग, हृदय रोग, और न्यूरोलॉजी ओपीडी में आवश्यक दवाइयों और सुविधाओं का प्रबंध करने के भी निर्देश दिए गए है। इसके अलावा वायु गुणवत्ता सूचकांक पर 24 घंटे सातों दिन मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है।
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एम्स भोपाल के नेत्र रोग विभाग द्वारा सुरक्षित दिवाली मनाने के लिए कुछ सुझाव दिये गये हैं जिन्हें अपनाकर खुशियों वाली दिवाली मनाएं ।
दीपावली में आंख में चोट लगने की स्थिति में
- अपनी आंख में चोट लगने की स्थिति में हाथों से न रगड़े। ऐसा करने से चोट और भी बढ़ सकती है।
- चोट लगने की स्थिति में आंखों पर कपड़ा न बांधे। जिससे आंखों पर अनुचित दबाव पड़ सकता है। आंखों को आई कव या आई शील्ड से कवर करें।
- आंखों में रासायनिक पदार्थों के जाने की स्थिति में आंखों को साफ पानी से धोए।
- आंखों पर किसी भी प्रकार की चोट को नजरअंदाज न करें। चोट गहरी भी हो सकती है, जिससे आपकी दृष्टि को हानि हो सकती है।
- यदि कोई छोटा या बड़ा कण आंखों में चला गया है तो घर पर निकालने की कोशिश न करे।
- आंखों को बंद करे। तुरंत डॉक्टर के पास जाये।
- आंख में रासायनिक पदार्थों के जाने की स्थिति में आंखों को साफ पानी से धोए। रासायनिक पदार्थों में कार्बन मैगनीज सल्फर और हानिकारक अन्य धटक हो सकते हैं। जिससे आपकी दृष्टि को हानि हो सकती है।
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दिवाली के लिए आंखों की सुरक्षा के उपाय
- हमेशा एक वयस्क की निगरानी में आतिशबाजी गतिविधियों करें, विशेष रूप से फुलझड़ियों के साथ।
- खुली जगह में पटाखे फोड़ें और अपनी आंखों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- अपनी आंखों को न रगड़े पटाखों के धुएं या कणों के कारण आपकी आंखों में नुकसान हो सकता है।
- पटाखे फोड़ते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनें।
- छोटे बच्चों को कभी भी आतिशबाजी खेलने या जलाने की अनुमति न दें।
-पटाखों को जलाने के तुरंत बाद सुरक्षित दूरी पर वापस चले जाएं।
- पटाखों को कपड़ों, बालों और खासकर चेहरे (आंखों) से दूर रखने की कोशिश करें।
स्वास्थ्य विभाग का सुझाव
- प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें।
- अत्यधिक प्रदूषण के समय सुबह और देर रात में दौड़ना, जॉगिंग जैसे शारीरिक व्यायाम से बचें।
- घर के अंदर लकड़ी, कोयला, गोबर के कंडे, या केरोसीन का उपयोग नहीं करें।
- सफाई के लिए सूखी झाड़ू की बजाय गीले पोछे का उपयोग करें।
- संतुलित आहार, ताजे फल-सब्जियों का सेवन कर पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट्स लें।
- प्रदूषण-जनित स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण जैसे सांस में तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन या सीने में दबाव महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
