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Bhopal: कुसुम किसान सोलर पंप योजना में करोड़ों का भ्रष्टाचार, कांग्रेस ने ऊर्जा विकास निगम पर लगाया आरोप
Tue, 04 Mar 2025 06:55 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 04 Mar 2025 06:55 PM IST
सार
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने कहा है कि एक तरफ भाजपा सरकार किसानों को तीन वर्षों में 30 लाख सोलर पंप लगाने का सपना दिखा रही हैं जबकि मध्यप्रदेश के पंजीकृत 46 हज़ार किसान 2017 से अपने खेतों में सोलर पंप लगाने का इंतजार कर रहे है। उन्होने कुसुम किसान सोलर पंप योजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
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पीसीसी में प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कुसुम किसान सोलर पंप योजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने मंगलवार को पीसीसी में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार किसानों को तीन वर्षों में 30 लाख सोलर पंप लगाने का कपोल कल्पित दिवा स्वप्न दिखा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के पंजीकृत 46 हजार किसान 2017 से अपने खेतों में सोलर पंप लगाने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुसुम किसान सोलर पंप योजना में ऊर्जा विकास निगम ने करोड़ों की गड़बडी की है।
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नायक ने कहा कि वर्ष 2017 से 2019 के मध्य खेतों में सोलर पंप लगवाने के लिए 46,000 लोगों ने योजना के पोर्टल पर आवेदन किया। इनमें से 14,000 किसानों ने पंजीकरण के लिए 5,000 रुपये का भुगतान किया, कुछ ने रजिस्ट्रेशन के साथ 3 एचपी के सोलर पंप के लिए 32,000 रुपये व 5 एचपी के लिए 72,000 रुपये की राशि जमा कराई थी। कुल 46,000 किसानों के आवेदनों में से 2,200 को ही उनके खेतों में पंप स्थापित कर के दिए गए हैं, जबकि शेष आवेदक पिछले 6 वर्षों से पंप की स्थापना का इंतजार कर रहे हैं।
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व्यापक घोटाले के संकेत
नायक ने कहा कि सरकार के प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर योजना के लाभ के लिए किसानों ने बढ़-चढ़कर रजिस्ट्रेशन करवाया था। सालों बाद तक पंप नहीं मिलने पर वे ठगा सा महसूस करने लगे। तभी से ऊर्जा विकास निगम द्वारा किसानों को नित नए बहाने बनाकर भटकाया जा रहा है। वर्तमान में 15000 करोड़ रुपये के फाइनल होने वाले सोलर पंप योजना टेंडर में जिस तरह से बार-बार फेरबदल कर अपनी चहेती कंपनियों का समावेश किया जा रहा है, उससे व्यापक घोटाले के संकेत मिल रहे हैं।
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बार-बार बदले टेंडर
नायक ने बताया कि अब नए सिरे से ऊर्जा विभाग द्वारा 5 अगस्त 2024 को पुनः टेंडर किए गए। लगभग 1500 करोड़ के टेंडर में कई नई शर्तों का समावेश किया गया। टेंडर में 57 ठेकेदारों ने पार्टिसिपेट किया। टेंडर की शर्तों के आधार पर 57 में से कमेटी द्वारा 32 से अधिक ठेकेदारों को अपात्र घोषित कर दिया गया। ऊर्जा विकास निगम के उच्च अधिकारियों ने निकाले गए टेंडर की शर्त के अनुसार अपात्र ठेकेदारों को शामिल करवाने के लिए 15 जनवरी 2025 को बोर्ड की बैठक में टेंडर की शर्त में बदलाव कर दिए, जिस से अपात्र ठेकेदार पात्र हो जाएं। उन्होने बताया कि एक माह बाद 16 फरवरी 2025 को फिर बोर्ड की बैठक ने 32 अपात्र ठेकेदारों मे से 25 ठेकेदारों के टेंडर को स्वीकृति प्रदान कर दी। नायक ने कहा कि अब तक 30 प्रतिशत केंद्र व 30 प्रतिशत राज्य सरकार अनुदान राशि देती थी, लेकिन इस बार 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाना प्रस्तावित किया गया है। इतने बड़े अनुदान की स्वीकृति कैबिनेट के माध्यम से करवा ली गई है। जबकि सोलर पंप लगाने के लिए प्रदेश के 46 हजार किसान आज भी इंतजार कर रहे हैं।
