{"_id":"6783fa4b197808880e0d68a7","slug":"bhopal-crime-lease-of-the-factory-where-md-drug-worth-1814-crores-was-found-cancelled-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal Crime: जहां से 1814 करोड़ का एमडी ड्रग मिला था, उस फैक्टरी की लीज निरस्त, 30 कंपनियों को नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal Crime: जहां से 1814 करोड़ का एमडी ड्रग मिला था, उस फैक्टरी की लीज निरस्त, 30 कंपनियों को नोटिस जारी
Sun, 12 Jan 2025 10:53 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 12 Jan 2025 10:53 PM IST
सार
भोपाल के बगरौदा में स्थित फैक्टरी से 1814 करोड़ रुपये की 900 किलोग्राम एमडी ड्रग बरामद होने के बाद, शासन ने फैक्टरी की लीज निरस्त कर दी। साथ ही, 30 अन्य कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी लीज भी रद्द की जाएगी।
विज्ञापन
भोपाल में मिली थी ड्रग्स फैक्ट्री (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र के बगरौदा में स्थित उस फैक्टरी की लीज शासन ने निरस्त कर दी है, जहां से 1814 करोड़ रुपये मूल्य की 900 किलोग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई थी। उद्योग विभाग ने बगरौदा क्षेत्र की अन्य 30 फैक्ट्रियों को भी नोटिस जारी किया है। यदि इन कंपनियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो उनकी लीज भी रद्द कर दी जाएगी।
पिछले साल 6 अक्टूबर को दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और गुजरात एटीएस ने बगरौदा स्थित फैक्टरी पर छापा मारा था। छापेमारी में भोपाल के अमित चतुर्वेदी और नागपुर के शान्याल बाने को गिरफ्तार किया गया। बाद में मंदसौर के हरीश आंजना और एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया। छापे के बाद कटारा हिल्स पुलिस ने अमित चतुर्वेदी के गोदाम से ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 60 लाख रुपये का कच्चा माल भी जब्त किया था।
उक्त फैक्टरी को जयदीप सिंह ने लीज पर लिया था और बाद में इसे रिटायर्ड भेल कर्मचारी एसके सिंह को बेच दिया गया। सिंह ने फैक्टरी को साबुन बनाने के लिए अमित को किराए पर दिया, लेकिन यहां अवैध रूप से ड्रग निर्माण हो रहा था।
विज्ञापन
छापेमारी के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्टरी की लीज रद्द कर दी। अब अन्य 30 फैक्ट्रियों की जांच चल रही है और उनकी लीज भी निरस्त की जा सकती है। प्रशासन इस मामले को लेकर सख्त है और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है।
विज्ञापन
पिछले साल 6 अक्टूबर को दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और गुजरात एटीएस ने बगरौदा स्थित फैक्टरी पर छापा मारा था। छापेमारी में भोपाल के अमित चतुर्वेदी और नागपुर के शान्याल बाने को गिरफ्तार किया गया। बाद में मंदसौर के हरीश आंजना और एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया। छापे के बाद कटारा हिल्स पुलिस ने अमित चतुर्वेदी के गोदाम से ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 60 लाख रुपये का कच्चा माल भी जब्त किया था।
विज्ञापन
उक्त फैक्टरी को जयदीप सिंह ने लीज पर लिया था और बाद में इसे रिटायर्ड भेल कर्मचारी एसके सिंह को बेच दिया गया। सिंह ने फैक्टरी को साबुन बनाने के लिए अमित को किराए पर दिया, लेकिन यहां अवैध रूप से ड्रग निर्माण हो रहा था।
विज्ञापन
छापेमारी के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्टरी की लीज रद्द कर दी। अब अन्य 30 फैक्ट्रियों की जांच चल रही है और उनकी लीज भी निरस्त की जा सकती है। प्रशासन इस मामले को लेकर सख्त है और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है।
