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Bhopal Crime: निर्दयी बेटी ने चार माह तक वृद्ध माता-पिता और मनोरोगी भाई को बंधक बनाकर रखा, घर पर किया कब्जा

Thu, 22 Jun 2023 09:23 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 22 Jun 2023 09:23 PM IST
सार

अरेरा कॉलोनी में रहने वाले एक वृद्ध दंपती को निर्दयी बेटी ने चार माह से उनके ही मकान में बंधक बनाकर रखा था। इतना ही नहीं निर्दयी महिला अपने मनोरोगी भाई को भी माता-पिता के साथ बंधक बनाए हुए थी।

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Bhopal Crime: Cruel daughter kept aged parents and psychopathic brother hostage for four months
निर्दयी बेटी माता-पिता पर कर रही थी अत्याचार। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भोपाल। राजधानी की पॉश अरेरा कॉलोनी में रहने वाले एक वृद्ध दंपती को निर्दयी बेटी ने चार माह से उनके ही मकान में बंधक बनाकर रखा था। इतना ही नहीं निर्दयी महिला अपने मनोरोगी भाई को भी माता-पिता के साथ बंधक बनाए हुए थी। महिला का पति सेना में कर्नल है, लेकिन वह पति को छोड़कर बेटे के साथ पिता के घर में जबरन कब्जा करके रहती है। महिला का बेटा भी अपने मनोरोगी मामा के साथ मारपीट करने के साथ नाना-नानी का खाना भी छीन लेता था।

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पड़ोसियों की सूचना पर बीती रात मौके पर पहुंची हबीबगंज थाना पुलिस ने बुजुर्ग दंपती को बेटी के कब्जे से मुक्त कराया और बेटी और उसके बेटे के खिलाफ बंधक बनाने, मारपीट करने और भरण-पोषण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों के जुल्म के निशान वृद्धों के जिस्म पर साफ दिख रहे हैं।
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रिटायर्ड बैंक अधिकारी हैं पिता
हबीबगंज थाना प्रभारी मनीषराज सिंह भदौरिया ने बताया कि 80 वर्षीय सीएस सक्सेना बैंक के रिटायर्ड अधिकारी हैं। वे अपनी पत्नी कनक सक्सेना और मनोरोगी बेटे विक्की सक्सेना के साथ अरेरा कॉलोनी में रहते हैं। बेटी निधि सक्सेना का वर्षों पहले विवाह कर दिया था, उसका पति कर्नल थे। लेकिन वह पति को छोड़कर अपने बेटों मैथिल और निखिल के साथ कुछ सालों से पिता के मकान में जबरन कब्जा कर रही है।
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खाना देते वक्त खोलती था ताला
पिता सीएस सक्सेना ने चार माह पहले उक्त मकान बेटी निधि सक्सेना के नाम कराने से मना कर दिया तो बेटी ने अपने बड़े बेटे मैथिल के साथ मिलकर बुजुर्ग दंपती और उनके मनोरोगी बेटे यानी अपने भाई को बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया। तीनों को पहली मंजिल में बंधक बनाकर रखा था और उन्हें बाहर तक नहीं निकलने दिया जाता। खाना देते समय इस कमरे का ताला खोला जाता था। जानवरों की तरह बचा हुआ खाना बेटी निधि सक्सेना अपने माता-पिता को परोसा करती थी।

विरोध करने पर रॉड, डंडे से पीटते थे मां-बेटे
इसका विरोध करने, बाहर निकलने की मांग करने तथा अन्य जरूरत का सामान मांगने पर उन्हें निधि जो हाथ आए, जैसे रॉड-डंडे तथा क्रिकेट बैट से पीटती थी। अधिक विरोध करने पर निधि का बेटा मैथिल भी उन्हें बेल्ट तथा बेट से पीटता था।

तीन करोड़ मांग रही बेटी
सीएस सक्सेना ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले एक हादसे के बाद वे चलने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बाद से बेटी निधि मकान अपने नाम कराने के लिए दबाव बना रही थी। जब मकान बेटी के नाम कराने को तैयार नहीं हुए तो बेटी ने उन पर दबाव बनाया कि वे मकान बेचकर तीन करोड़ रुपये उसे दे दें, ताकि वह अपने लिए अलग से बड़ा मकान खरीद सके। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें पता है कि जब बेटी निधि रुपये ले लगी तो मेरा और मेरी पत्नी और मनोरोगी बेटे का ख्याल नहीं रखेगी, इसलिए वे मकान बेचकर बेटी को पैसा देने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद से ही बेटी ने तीनों को बंधक बनाकर जानवरों जैसा सुलूक कर रही है।

पेंशन के पैसों से दवाई भी नहीं लाती थी
थाना प्रभारी ने बताया कि निधि ने वृद्ध पिता के बैंक खाते का एटीएम अपने पास रखा था। जबरन कई तरह के दस्तावेजों में साइन भी करा लिए हैं। पेंशन का खाता वही ऑपरेट करती है। पेंशन की पूरी रकम निकाल लेती है, फिर भी पिता को दवा तक के लिए रुपये नहीं देती। सक्सेना लगातार कई दिनों से पड़ोसियों को दिखाई नहीं दे रहे थे। निधि उनके संबंध में कोई जानकारी पड़ोसियों को नहीं देती थी। इसके बाद पड़ोस में रहने वाले बग्गा जी ने किसी तरह से संपर्क करना चाहा। सक्सेना से संपर्क नहीं होने की स्थिति में उन्होंने हबीबगंज थाने में अनहोनी की आशंका संबंधी आवेदन दिया था। इसके बाद पुलिस रिटायर्ड बैंक अधिकारी के घर पहुंची।

पुलिस पहुंची तो महिला करने लगी हंगामा
विवेचना अधिकारी सुदीप देशमुख ने बताया कि जब वे टीम के साथ सीएस सक्सेना के घर पहुंचे तो निधि और उनका बेटा अपने माता-पिता व भाई के संबंध में कोई जानकारी देने को तैयार नहीं थे। पुलिस को पुख्ता जानकारी थी कि उन्हें ऊपर के कमरे में बंधक बनाकर रखा गया है, जब टीम ने कमरे का ताला खोलने का दबाव बनाया तो मां-बेटे अभद्रता करने के साथ हंगामा करने लगे। पुलिस कमरे का ताला खोलकर जब अंदर पहुंची तो सक्सेना घबराए हुए थे। वे बिस्तर पर लेटे थे, जबकि उनकी पत्नी और एक कोने में बैठी थी। सक्सेना को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि उनकी पत्नी को प्रारंभिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। मनोरोगी बेटे की सुपुर्दगी मां कनक सक्सेना को दी गई है। पुलिस ने निधि सक्सेना और उसके बेटे मैथिल सक्सेना को गिरफ्तार कर लिया है।


बेटी निधि अल्ताफ अंसारी के चक्कर में : कनक सक्सेना
उधर, निधि सक्सेना की मां कनक सक्सेना ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी कुछ महीनों ने अल्ताफ अंसारी नाम के व्यक्ति के संपर्क में है। अल्ताफ शादीशुदा है फिर भी बेटी उसके संपर्क में है। अल्ताफ ही मेरी बेटी को हम लोगों के खिलाफ भड़काने के साथ मकान बेचने का दबाव बनाया है।

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