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Bhopal: भोपाल नगर निगम में रिश्वत कांड, दो सुपरवाइजरों का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, दिए जांच के निर्देश

Sun, 04 May 2025 09:46 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sun, 04 May 2025 09:46 PM IST
सार

भोपाल नगर निगम के जोन-21 में एक चौंकाने वाला रिश्वत कांड सामने आया है।वीडियो में नगर निगम के सुपरवाइजर न सिर्फ पैसों का लेन-देन करते दिख रहे हैं, बल्कि शराब से जुड़ी गतिविधियों में भी संलिप्त पाए गए हैं।

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Bhopal: Bribery scandal in Bhopal Municipal Corporation, video of two supervisors taking bribe goes viral, ins
खुलेआम रिश्वत - फोटो : social media

विस्तार

भोपाल नगर निगम के जोन-21 में एक चौंकाने वाला रिश्वत कांड सामने आया है। जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में खुलेआम रिश्वत ली जा रही है और 500 रुपये की नोटों की गड्डियां  गिनी जा रही हैं। वीडियो में नगर निगम के सुपरवाइजर न सिर्फ पैसों का लेन-देन करते दिख रहे हैं, बल्कि शराब से जुड़ी गतिविधियों में भी संलिप्त पाए गए हैं।
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वसूली का दिया था आदेश दिया
वीडियो में सुपरवाइजर इमरान खुलेआम 500 रुपये के नोटों की गड्डियां गिनते और कथित तौर पर महंगी शराब की मांग करते नजर आ रहे हैं। एक अन्य सुपरवाइजर हरिराव विहासकर उर्फ भाऊ भी रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों स्वास्थ्य अधिकारी राजीव सक्सेना के अधीन काम कर रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर वसूली का आदेश दिया था। वीडियो में इमरान कथित तौर पर कर्मचारियों पर पैसे और शराब के लिए दबाव डालते हुए सुनाई दे रहे हैं, उनका दावा है, हम सिर्फ छोटे कर्मचारी हैं, पैसा बॉस के पास जाता है। फुटेज में एक और व्यक्ति शराब के ऑर्डर पर चर्चा करते और ब्रांड की पुष्टि करते हुए दिखाई दे रहा है
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यात्रा करने वाले कर्मचारियों से लेते हैं मासिक शुल्क
इसके अलावा एक अन्य वायरल वीडियो से पता चला है कि ड्राइवरों को कथित तौर पर डीजल के लिए 2,000 से 10,000 रुपये प्रति सप्ताह का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है। यात्रा करने वाले कर्मचारियों से कथित तौर पर 5,500 रुपये मासिक शुल्क लिया जाता है।  भाऊ को कर्मचारियों को निर्देश देते हुए सुना जा सकता है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के अनुसार भुगतान बढ़कर 10,000 रुपये प्रति माह हो जाएगा।

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निगम अध्यक्ष ने दिए जांच के निर्देश
इस घोटाले ने पूरे शहर में आक्रोश फैला दिया है, विपक्षी पार्षदों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और आश्वासन दिया है कि अगर आरोप सही साबित हुए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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