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Bhopal: भोपाल के निजी स्कूलों को प्रवेश की देनी होगी जानकारी, 15 जनवरी तक सार्वजनिक करनी होगी किताबों की सूची

Thu, 02 Jan 2025 07:30 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 02 Jan 2025 07:30 PM IST
सार

राजधानी भोपाल के सभी निजी स्कूलों को किताबों की सूची सार्वजनिक करनी होगी। और प्रवेश की जानकारी भी देनी होगी। इसे लेकर भोपाल कलेक्टर कौशलनेन्द्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर दिया है।

 

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Bhopal: Bhopal's private schools will have to give information about admission, the list of books will have to
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक यह शिकायत लेकर विरोध दर्ज करते हैं कि निजी स्कूल द्वारा बताए गए विशेष दुकानों से पुस्तक और यूनिफॉर्म समेत अन्य सामग्री खरीदने को बाध्य किया जाता है। इसे लेकर इस बार भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पहले ही स्कूलों को सजग कर दिया है। उन्होंने आदेश जारी कर कहा है कि सभी स्कूलों को 15 जनवरी के अंदर पुस्तकों की सूची सार्वजनिक करनी होगी तथा प्रवेश की जानकारी देनी होगी।
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कलेक्टर बोले सूत्रों से मिलती है जानकारी 
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि भोपाल जिले में निजी स्कूलों में काफी बड़ी संख्या में विधार्थी अध्ययनरत है। विभिन्न सूत्रों से जानकारी प्राप्त होती हैं, कि शिक्षण सत्र प्रारंभ होने पर कई अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के प्रबंधन द्वारा शाला में पढ़ने वाले विधार्थियो को उनके द्वारा बताई गई विशेष दुकान से ही पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफार्म तथा अन्य सामग्री क्रय करने के लिये बाध्य किया जाता है तथा कई स्कूलों में स्वयं स्कूल प्रबंधन द्वारा पुस्तकें एवं यूनिफार्म तथा अन्य सामग्री विक्रय कराई जानें के संबंध में भी जानकारी प्राप्त होती हैं। इस तरह की गतिविधियों के कारण इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों एवं उनके अभिभावकों में रोष होने से अप्रिय स्थिति एवं तनाव हो सकता है, जिससे कभी भी कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अतः भोपाल जिले के समस्त अशासकीय विद्यालयों में पुस्तके एवं यूनीफार्म तथा अन्य सामग्री विक्रय कराई जाने तथा किसी विशेष दुकान से पाठ्य पृस्तक, यूनीफार्म तथा अन्य सामग्री क्रय करने हेतु बाध्य करने पर अंकुश लगाये जाने की आवश्यकता प्रतीत होती हैं।
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कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुख्य बिंदु

1- भोपाल जिले में संचालित समस्त अशासकीय विद्यालय, जो माध्यमिक शिक्षा मण्डल/ केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अथवा आईसीएसई बोर्ड से सम्बद्ध हैं। इन समस्त विद्यालयों को मध्य प्रदेश राजपत्र असाधारण 2 दिसम्बर 2020 स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में उल्लेखित निर्देशो का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। सभी अशासकीय विद्यालयों के लिए यह अनिवार्य है कि वे आगामी शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के पूर्व लेखक एवं प्रकाशक के नाम तथा मूल्य के साथ कक्षावार 'पुस्तको की सूची विद्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करें और शाला के विद्यार्थियों को ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक इन पुस्तकों को उनकी सुविधा अनुसार खुले बाजार से क्रय कर सके। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य अपने स्कूल में प्रत्येक कक्षा में लगने वाली।पाठ्य पुस्तकों तथा प्रकाशक की जानकारी को वेबसाइट E-Mail ID deobho-mp@nic.in पर  15 जनवरी 2025 तक अनिवार्यत रूप से प्रेषित करेंगें एवं एक हार्डकापी जिला शिक्षा अधिकारी जिला भोपाल के कार्यालय में जमा कराएगें।
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2- किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित नही होना चाहिये। विद्यालय के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि किसी दुकान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता नही है। कही से भी पुस्तकें, यूनिफार्म व अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की जा सकती है।
3- पुस्तकों के अतिरिक्त शालाओं द्वारा यूनीफार्म, टाई, जूते, कापियों आदि भी उन्ही की शालाओं से उपलब्ध विक्रय कराने का प्रयास नही किया जाएगा। विद्यालय के गणवेश में कोई परिवर्तन किया जाता है तो वह आगामी तीन शैक्षणिक सत्रों तक यथावत लागू रहेगा। विद्यालय की स्टेशनरी,यूनिफार्म पर विद्यालय का नाम प्रिन्ट करवाकर दुकानों से क्रय करने अथवा एक विशिष्ट दुकान से यूनिफार्म,पाठ्यपुस्तके बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
4- विद्यालय द्वारा उनके यहां संचालित कक्षाओं में पढाई जाने वाली पुस्तकें, बिना पाठ्यकम परिवर्तन हुए विगत वर्ष की प्रचलित पुस्तकों एवं प्रकाशकों को परिवर्तित कर प्रतिवर्ष उनके स्थान पर मंहगी पुस्तकें खरीदने के लिए पालकों पर दबाव बनाया जाता है।

5- निजी विद्यालय प्रबंधन, परिवहन सुविधाओं के संबंध में परिवहन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समय समय पर जारी दिशा निर्देशों का पालन करेगा ।
6- प्रत्येंक विद्यालय में कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया एवं प्रवेश किस दिनांक से दिनांक तक होगें की सूचना का प्रचार प्रसार करना अनविार्य होगा। जिससे पालकों एवं प्रवेश कराने वाले पालकों तक सूचना प्राप्त हो सकें।
7- संबंधित क्षेत्र के एसडीएम एवं जिला शिक्षा अधिकारी इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएंगे।
 
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