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Bhopal: भोपाल गैस पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजे की उम्मीद, 22 सितंबर को हाई कोर्ट में होगी सुनवााई, मिलेगी राहत

Wed, 13 Aug 2025 04:57 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Wed, 13 Aug 2025 04:57 PM IST
सार

भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के चार संगठनों के नेताओं ने उम्मीद जताई है कि हाई कोर्ट में उनकी जनहित याचिका उन पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा दिलाने में सफल होगी जिनकी चोटों को पहले गलत वर्गीकृत किया गया था। मामले में 22 सितंबर को हाई कोर्ट में सुनवााई होगी।

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Bhopal: Bhopal gas victims hope for adequate compensation, hearing will be held in High Court on 22 September,
गैस पीड़ितों के चार संगठनों की प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों के मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट में 22 सितंबर को सुनवाई होगी। हादसे के पीड़ितों के चार संगठनों के नेताओं ने वुधवार एक प्रेसवार्ता में उम्मीद जताई है कि हाई कोर्ट में उनकी जनहित याचिका उन पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा दिलाने में सफल होगी जिनकी चोटों को पहले गलत वर्गीकृत किया गया था। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में राज्य और केंद्र सरकारों को नोटिस भेजकर संगठनों की याचिका में उठाए गए मुद्दों पर सुनवाई की अगली तारीख 22 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। नोटिस के बाद पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजे की उम्मीद जागी है। यूनियन कार्बाइड के अपने दस्तावेज में कहा गया है कि भोपाल में रिसी गैस, मिथाइल आइसोसाइनेट के संपर्क में आने से स्थायी चोटें आती हैं। फिर भी भोपाल गैस पीड़ितों में से 95% को अस्थायी रूप से घायल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
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90% पीड़ितों को गलत वर्गीकृत किया
प्रमुख याचिकाकर्ता संगठन भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा की सदस्य नसरीन खान ने बताया, हमारी याचिका में हमने आधिकारिक जानकारी दी है। जिससे पता चला है कि कैंसर के लिए अनुग्रह राशि प्राप्त करने वाले 90% पीड़ितों को आपदा के कारण केवल मामूली या अस्थायी चोट लगने के रूप में वर्गीकृत किया गया था। क्रोनिक किडनी रोगों के लिए अनुग्रह राशि प्राप्त करने वाले 95% पीड़ितों की चोटों के संबंध में भी यही किया गया। हम न्यायालय से अनुरोध करते हैं, वह भारत सरकार को निर्देश दें कि ऐसे पीड़ितों की चोटों को स्थायी और अत्यंत गंभीर माने और उन्हें 5 लाख रुपए का मुआवजा दें।
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पीड़ित लोगों के साथ हुआ अन्याय
भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने बताया, कैंसर और घातक किडनी रोगों से पीड़ित लोगों के साथ हुआ अन्याय, मुआवजे के मामले में भोपाल गैस पीड़ितों के साथ हुए अन्याय का एक स्पष्ट और सरल उदाहरण है।


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संगठन अभियान शुरू करेंगे
भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने बताया, हम जागरूकता बढ़ाने और अन्य पीड़ितों के मामले में हादसे की वजह से पहुंची चोटों के इसी तरह के गलत वर्गीकरण को दर्ज करने के लिए एक अभियान शुरू कर रहे हैं। भोपाल गैस कांड में अन्याय का पैमाना इतना बड़ा है कि जब तक पीड़ितों के समुदायों के स्वयंसेवक इस कार्य के लिए आगे नहीं आते, तब तक एक मजबूत मामला पेश करना संभव नहीं होगा।

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वेबसाइट और ऐप करेंगे विकसित
भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने युवाओं से इस अभियान में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि आज हमें आदर्शवादी युवाओं की जरूरत है, जो गैस त्रासदी से हुई चोटों के गलत वर्गीकरण के ठोस सबूत इकट्ठा कर सकें। हम जल्द ही इस गतिविधि के लिए एक वेबसाइट और एक ऐप विकसित करेंगे और समुदाय के स्वयंसेवकों को मुफ्त प्रशिक्षण देंगे।
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