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Bhopal: UGC नेट परीक्षा में पहली बार आयुर्वेद को किया जाएगा शामिल, आयुर्वेद की ओर आकर्षित होंगे विद्यार्थी
Fri, 08 Nov 2024 06:52 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 08 Nov 2024 06:52 PM IST
सार
यूजीसी नेट परीक्षा में पहली बार आयुर्वेद बायोलॉजी को शामिल किया गया है। दिसंबर 2024 की परीक्षा में इसे लागू कर दिया जायेगा। विद्यार्थी आयुर्वेद और उससे जुड़े विषयों की ओर आकर्षित होंगे।
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पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छात्रों को आयुर्वेद की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य पहली बार यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) में आयुर्वेद जीव विज्ञान को एक विषय के रूप में शामिल किया गया है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के माध्यम से किया जाता है। यह परीक्षा एनटीए द्वारा साल में दो बार जून और दिसंबर में आयोजित कराई जाती है। पहली बार ऐसा हो रहा है, जब राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानि नेट में आयर्वुेद बायोलॉजी को शामिल किया जाएगा। इसकी आगामी परीक्षा दिसंबर 2024 में आयोजित होगी।
शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से जहां विद्यार्थी आयुर्वेद तथा उससे जुड़े विषयों की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि शोध और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न शोध संस्थानों से शोध करने और विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में आयुर्वेद जीवविज्ञान पढ़ाने के अवसर प्राप्त होंगे, तथा यूजीसी के इस कदम से आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनियों, आयुर्वेदिक चिकित्सालयों (अस्पतालों) तथा रिसर्च संस्थानों में भी रोज़गार के अवसर निर्मित होंगे।
जाने आयुर्वेद बायोलॉजी का सिलेबस
1- आयुर्वेद का इतिहास और विकास
2- आयुर्वेद के दर्शन और मूल सिद्धांत
3- शरीर रचना और क्रिया
4- पदार्थ विज्ञान और द्रव्य विजना
5- रस शास्त्र, वेशज्य कल्पना और आयुर्वेद औषधोपचार
6- बीमारी बायोलाजी, माइक्रोबायलाजी और इम्यूनोलाजी
7- आनुवांशिक, आयुरजेनोमिक्स, कोशिका और आणविक जीव विज्ञान
8- शरीर विज्ञान, जैव विज्ञान और नैनो टेक्नालाजी
9- जैव विविधता और पर्यावरण स्वास्थ्य, आईपीआर और उद्यमिता
10- अनुसंधान पद्धति, जैव सांख्यिकी और आयुर्वेद -सूचना विज्ञान
आयुर्वेद और उसके सिद्धांतों को लेकर जागरुकता बढ़ेगी
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन स्टूडेंट फोरम (नीमा छात्र संघ ) के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हरेन्द्र भरौरिया का कहना है कि "आयुर्वेद को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए ये एक अच्छी पहल है। इस कदम से उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थी आयुर्वेद का अध्ययन कर उसे समझ पाएंगे। इससे आयुर्वेद और उसके सिद्धान्तों को लेकर आम जनता में भी जागरूकता बढ़ेगी। आयुर्वेद के अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को उनकी योग्यता और कौशल को पहचानने का एक नया मंच मिलेगा।
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शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से जहां विद्यार्थी आयुर्वेद तथा उससे जुड़े विषयों की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि शोध और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न शोध संस्थानों से शोध करने और विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में आयुर्वेद जीवविज्ञान पढ़ाने के अवसर प्राप्त होंगे, तथा यूजीसी के इस कदम से आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनियों, आयुर्वेदिक चिकित्सालयों (अस्पतालों) तथा रिसर्च संस्थानों में भी रोज़गार के अवसर निर्मित होंगे।
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जाने आयुर्वेद बायोलॉजी का सिलेबस
1- आयुर्वेद का इतिहास और विकास
2- आयुर्वेद के दर्शन और मूल सिद्धांत
3- शरीर रचना और क्रिया
4- पदार्थ विज्ञान और द्रव्य विजना
5- रस शास्त्र, वेशज्य कल्पना और आयुर्वेद औषधोपचार
6- बीमारी बायोलाजी, माइक्रोबायलाजी और इम्यूनोलाजी
7- आनुवांशिक, आयुरजेनोमिक्स, कोशिका और आणविक जीव विज्ञान
8- शरीर विज्ञान, जैव विज्ञान और नैनो टेक्नालाजी
9- जैव विविधता और पर्यावरण स्वास्थ्य, आईपीआर और उद्यमिता
10- अनुसंधान पद्धति, जैव सांख्यिकी और आयुर्वेद -सूचना विज्ञान
आयुर्वेद और उसके सिद्धांतों को लेकर जागरुकता बढ़ेगी
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन स्टूडेंट फोरम (नीमा छात्र संघ ) के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हरेन्द्र भरौरिया का कहना है कि "आयुर्वेद को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए ये एक अच्छी पहल है। इस कदम से उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थी आयुर्वेद का अध्ययन कर उसे समझ पाएंगे। इससे आयुर्वेद और उसके सिद्धान्तों को लेकर आम जनता में भी जागरूकता बढ़ेगी। आयुर्वेद के अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को उनकी योग्यता और कौशल को पहचानने का एक नया मंच मिलेगा।
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