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Bhopal: जेपी अस्पताल में दवा को चारों काउंटर हुए शुरू,फार्मासिस्टों की कमी बढ़ रही परेशानी,3 डॉक्टर हुए रिटायर

Fri, 28 Feb 2025 09:22 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 28 Feb 2025 09:22 PM IST
सार

JP Hospital: राजधानी भोपाल के जिला अस्पताल जेपी में फार्मासिस्टों की कमी से दवा के दो काउंटरों को बंद कर दिया गया है। अमर उजाला के खबर का असर हुआ और चारो काउंर शुरू कर दिए गए। इधर 3 डॉक्टर रिटायर हो गए हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। 

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Bhopal: All four medicine counters have been started in JP Hospital, shortage of pharmacists is increasing pro
जेपी अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में जयप्रकाश (जेपी) अस्पताल में फार्मासिस्टों की कमी के चलते चार में से दो दवा काउंटरों को बंद कर दिया गया था। जिससे मरीजों की बढ़ गई थी। अमर उजाला ने मरीजों की परेशानी को प्रमुखता से उठाया जिससे बाद अस्पताल प्रबंधन ने बंद काउंटरों को शुरू करा दिया। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को राहत मिली है। इधर अस्पताल में तीन चिकित्सक रिटायर हो गए हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। अस्तपाल में पहले से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। 
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विशेषज्ञ  चिकित्सकों की कमी
 गौरतलब है कि जेपी अस्पताल में डॉक्टरों के कुल 41 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 9 पद खाली हैं। छह महीने बाद तीन और चिकित्सकों के रिटायर होने के बाद यह संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी। इधर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा निकाली जा रही सीधी भर्ती में एमबीबीएस डॉक्टर तो मिल रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं। इसको देखते हुए जेपी अस्पताल प्रबंधन ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। इसमें खाली पदों के विरुद्ध नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग की गई है।
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पैथोलॉजी में नहीं बचेगा विशेषज्ञ
एक दिन पहले रिटायर होने वाले विशेषज्ञों में डॉ. रेणु चुघ पैथोलॉजी विशेषज्ञ, डॉ. आशा दीक्षित शिशु रोग विशेषज्ञ और डॉ. नवीन भाटिया ईएनटी विशेषज्ञ हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पैथोलॉजी विभाग में होगी। डॉ. रेणु चुघ के सेवानिवृत्त होने के बाद यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं बचेगा। दरअसल जेपी में पैथोलॉजी विभाग से जुड़ी सभी जांचें आउटसोर्स एजेंसी को सौंप दी गई हैं।
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