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विमानन पॉलिसी 2025: रीजनल कनेक्टविटी बढ़ाने पर जोर, हर 75 किमी में एक हवाई पट्टी, 150 किमी पर हवाई अड्डा
Tue, 18 Feb 2025 11:19 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 18 Feb 2025 11:19 PM IST
सार
डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में मंगलवार को प्रदेश की पहली मध्य प्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 को स्वीकृति दी। इस पॉलिसी का मकसद प्रदेश में रीजनल कनेक्टविटी को बढ़ावा देना है।
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विमानन नीति
- फोटो : Freepik
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विस्तार
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने कैबिनेट बैठक में मंगलवार को मध्यप्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 स्वीकृति दी। यह मध्य प्रदेश की पहली नागरिक विमानन नीति है। इसका उद्देश्य रीजनल कनेक्टविटी को बढ़ावा देना है। इससे व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस पॉलिसी के तहत राज्य के सामाजिक, आर्थिक विकास को गति देने के लिए आधुनिक, किफायती, सुलभ, सुरक्षित एवं निवेश-अनुकूल विमानन इको सिस्टम विकसित किया जाएगा। विमानन नीति के माध्यम से भविष्य में 3 एमआरओ हब विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही 75 कि.मी. के दायरे में एक हवाई पट्टी और 150 कि.मी के दायरे में एक हवाई अड्डा विकसित किया जाएगा एवं प्रत्येक तहसील स्तर पर 45 कि.मी. के दायरे में कम से कम एक पक्का हेलीपेड विकसित किया जाएगा। राज्य की पर्यटन/धार्मिक महत्व के स्थलों को वर्ष 2030 तक मजबूत एवं किफायती दामों में हवाई संपर्क से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करना तथा एयरो स्पोर्टस प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए पूंजीगत व्यय पर निजी निवेशकों को सब्सिडी अनुदान दिया जाएगा। एयर कार्गो सुविधाएं विकसित कर राज्य में कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा।
विमानन पाठ्यक्रम शुरू होंगे
प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में विमानन पाठयक्रम शुरू करने पर पॉलिसी में जोर दिया गया है। हवाई अड्डा एरोट्रोपोलिस का विकास होगा। कृषि उत्पादन क्षेत्रों में कृषि उड़ान कलस्टर बनेंगे। इसके अलावा एयर कार्गों इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। वहीं, औद्योगिक विस्तार के लिए एयर कार्गों सेक्टर बनेंगे। विभिन्न सहायक विमानन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए निवेश पर पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया जाएगा। प्रदेश में एयर क्रॉफ्ट की रात्रिकालीन पार्किंग करने वाले एयर क्रॉफ्ट पर एटीएफ पर वेट 1 प्रतिशत की दर से प्रभावी किया जाएगा।
यह भी होगा प्रावधान
प्रदेश में कैपेसिटी बिल्डिंग एवं कौशल विकास के लिए, उड़ान प्रशिक्षण संस्थाओं की स्थापना के लिए, पूंजीगत निवेश राशि की 40% तक निवेश प्रोत्साहन सहायता का प्रावधान किया जाएगा। विमानन क्षेत्र को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में कृषि उत्पादों के निर्यात, अन्य क्षरण योग्य वस्तुओं (पेरिशेबल वस्तुओं) के निर्यात, विनिर्माण और ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ावा देने के साथ, कुशल मानव संसाधन विकसित करने एवं प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष और रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायता मिलेगी।
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विमानन पाठ्यक्रम शुरू होंगे
प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में विमानन पाठयक्रम शुरू करने पर पॉलिसी में जोर दिया गया है। हवाई अड्डा एरोट्रोपोलिस का विकास होगा। कृषि उत्पादन क्षेत्रों में कृषि उड़ान कलस्टर बनेंगे। इसके अलावा एयर कार्गों इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। वहीं, औद्योगिक विस्तार के लिए एयर कार्गों सेक्टर बनेंगे। विभिन्न सहायक विमानन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए निवेश पर पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया जाएगा। प्रदेश में एयर क्रॉफ्ट की रात्रिकालीन पार्किंग करने वाले एयर क्रॉफ्ट पर एटीएफ पर वेट 1 प्रतिशत की दर से प्रभावी किया जाएगा।
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यह भी होगा प्रावधान
प्रदेश में कैपेसिटी बिल्डिंग एवं कौशल विकास के लिए, उड़ान प्रशिक्षण संस्थाओं की स्थापना के लिए, पूंजीगत निवेश राशि की 40% तक निवेश प्रोत्साहन सहायता का प्रावधान किया जाएगा। विमानन क्षेत्र को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में कृषि उत्पादों के निर्यात, अन्य क्षरण योग्य वस्तुओं (पेरिशेबल वस्तुओं) के निर्यात, विनिर्माण और ई-कॉमर्स कारोबार को बढ़ावा देने के साथ, कुशल मानव संसाधन विकसित करने एवं प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष और रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायता मिलेगी।
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