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Art & Culture: झीलों के शहर में बहेंगी साहित्य लहरें, दो दिन के आयोजन में बिखरेंगे कई रंग, जानें कार्यक्रम
Thu, 19 Sep 2024 03:29 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 19 Sep 2024 03:29 PM IST
सार
दो दिवसीय सांस्कृतिक समारोह का आयोजन 21 और 22 सितंबर को रविन्द्र भवन ऑडिटोरियम में किया जाएगा। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार), पर्यटन मंत्रालय (भारत सरकार) और आयकर विभाग, भोपाल के सहयोग से आयोजित होगा।
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भोपाल में बहेंगी साहित्य लहरें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय कला, संस्कृति और साहित्य का उत्सव मनाने वाला एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब कल्चरल कारवां विरासत राजधानी भोपाल में आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय सांस्कृतिक समारोह का आयोजन 21 और 22 सितंबर को रविन्द्र भवन ऑडिटोरियम में किया जाएगा। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार), पर्यटन मंत्रालय (भारत सरकार) और आयकर विभाग, भोपाल के सहयोग से आयोजित होगा।
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साहित्योत्सव में पूरे भारत के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों के साथ उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में सभी के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे गजल, नाटक, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन आदि का लुत्फ उठाया जा सकेगा।
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ऐसा होगा आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत 21 सितंबर को दोपहर दो बजे होगी। कार्यक्रम एक उद्घाटन समारोह के साथ आरंभ होगा। इसके बाद "राजभाषा, दरिया प्रेम का" कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सैयद साहिल आगा द्वारा प्रस्तुत "दास्तानगोई" इस दिन का प्रमुख आकर्षण होगा। इसके अतिरिक्त, डॉ. ओम निश्चल, इंदु श्रीवास्तव, रचित दीक्षित, अमन अक्षर और मशहूर कथक नृत्यांगना विधा लाल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन और पद्मश्री उस्ताद मोहम्मद हुसैन अपनी गजलों से “शाम-ए-गजल” महफिल में चार चांद लगाएंगे।
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इसी तरह 22 सितंबर को दोपहर एक बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इस दिन एक रोचक बैतबाज़ी कार्यक्रम होगा, जिसके बाद डॉ. ओम निश्चल हिन्दी राजभाषा के 75 वर्षों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। फिर, प्रोफेसर दानिश इकबाल द्वारा लिखित और अनिल शर्मा द्वारा निर्देशित नाटक "कटघरे में ग़ालिब" का मंचन होगा। इसके बाद, प्रसिद्ध अभिनेत्री मेघना मलिक, अभिनेत्री सुनीता राजवार, अभिनेता जमील खान, और कुंवर रंजीत द्वारा ओटीटी और सिनेमा का भाषाई और सामाजिक सरोकार विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। दिन का समापन शब्द रंग मुशायरा एवं कवि सम्मेलन के साथ होगा, जिसमें प्रो. वसीम बरेलवी, अकील नोमानी, रमेश शर्मा, कुंवर रंजीत चौहान, कर्नल गौतम राजऋषि, नैना सोइन कपिल-आईआरएस, जावेद मुशीरी, शाकिर देहलवी और अनस फ़ैज़ी शिरकत करेंगे।
साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब के संस्थापक, कुंवर रंजीत चौहान ने कहा कि साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब कल्चरल कारवां विरासत 2024 भारतीय कला, संस्कृति और साहित्य का उत्सव है। इसे दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, बिहार, गुजरात और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जा चुका है। इस कार्यक्रम ने भारतीय कला और संस्कृति को जीवंत करने का कार्य किया है।
