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MP NEWS : टाइगर स्टेट में एक और बाघ की मौत, गोली मार कर शिकार करने का आरोप, नदी के किनारे मिला कंकाल

Sun, 14 Jul 2024 09:22 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sun, 14 Jul 2024 09:22 PM IST
सार

रायसेन जिले के आशापुरी बीट आरएफ कंपार्टमेंट में एक बाध की मौत हो गई। मृत बाघ का रविवार को कंकाल मिला है। बाघ संरक्षक और जानकार अजय दुबे ने शिकायत की है और उन्हों ने आरोप लगाया है कि बाघ को गोली मार कर उसका शिकार किया गया है।
 

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Another tiger dies in Tiger State, accused of shooting and hunting, skeleton found on the banks of the river
बाघ का कंकाल - फोटो : social media

विस्तार

मध्य प्रदेश में एक बाघ की मौत हो गई है।  मामला रायसेन जिले का है जानकारी के मुताबिक, आशापुरी बीट आरएफ कंपार्टमेंट 330 में एक बाध की मौत हो गई। बाघ संरक्षक और जानकार अजय दुबे ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गोली मारकर बाघ का शिकार किया गया है। वहीं वन विभाग को तीन दिनों से शव पड़े होने की सूचना दी। इसके बाद भी इस ओर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। हालाकि वन विभाग के अधिकारियों ने भी कंकाल मिलने की पुष्टि की है। भोपाल सीसीएफ ने बताया कि अभी तक यह नहीं पता चल पाया कि की कंकाल नर बाघ का है या मादा जांच के बात ही इसका पता चलेगा। 
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कुछ शावकों के भी पद चिह्न मिले
अजय दुबे ने बताया कि इस क्षेत्र में और बाघ होने की जानकारी है कुछ शावकों के भी पद चिह्न मिले हैं। उन्होंने बताया कि शव पड़े होने की सूचना वन विभाग को दी थी। उन्होंने कहा कि बाघ का शिकार गोली मारकर किया गया है। साथ ही अजय दुबे ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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6 महीने के भीतर मध्यप्रदेश में 23 बाघों की मौत
गैरतलब है कि देश में मध्यप्रदेश बाघों की मौत पर भी नंबर वन बन गया है। बीते 6 महीने के भीतर मध्यप्रदेश में 23 बाघों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा 12 बाघों की मौत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई है। बांधवगढ़ में बढ़ते बाघ के मौत के मामले में शिकार की आशंका भी जताई गई है। यह खुलासा वन विभाग की कमेटी में हुआ है।
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इसलिए हो रही बाघों की मौत
दरअसल शिकारी और अंतरराष्ट्रीय तस्कर की वजह से मध्य प्रदेश में बाघ मारे जा रहे हैं। बाघों के आधी मौत के लिए शिकारी और अंतरराष्ट्रीय तस्कर जिम्मेदार बताए जाते है। टेरिटोरियल फाइटिंग नहीं तस्करी मौत के लिए जिम्मेदार है। 10 सालों में बांधवगढ़ के भीतर 65 से अधिक बाघों की मौत हुई है। 2024 में अब तक देश में कुल 75 टाइगरों की मौत हुई है। 75 टाइगर में 23 बाघों की मौत मध्यप्रदेश में, महाराष्ट्र में 14 और कर्नाटक में 12 टाइगरों की मौत हुई है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 21 दिन पहले मिला था बाघिन का संदिग्ध अवस्था में शव
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 21 दिन पहले जंगल में छोड़ी गई 2 साल की बाघिन का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद हुआ था। वन विभाग ने कहा था कि संघर्ष में बाघिन की जान गई है। वहीं बाघ संरक्षक और जानकार ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गोली मारकर  शिकार किया गया है। बाघिन के शव में कीड़े मिले हैं। वन विभाग मौत के कारणों को छिपा रहा है। वहीं दूसरी ओर बालाघाट में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने करंट लगाकर बाघों का शिकार करने वाले शिकारियों को पकड़ा है। 


इधर बालाघाट में बड़ी कार्रवाई   
बाघिन की मौत के बाद स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने बालाघाट में बड़ी कार्रवाई की है। करंट लगाकर भागों का शिकार करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के बैग से छोटी-बड़ी 98 हड्डियां, दांत और नाखून जब्त किया गया है। शिकारियों ने अन्य अंगों को जमीन में गाड़ कर छुपा रखा था। मध्य प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय बाघों का शिकार करने वाला गिरोह सक्रिय है। उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संपर्क हैं।
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