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Bhopal: अरेरा कॉलोनी में वृद्ध दंपति से डिजिटल अरेस्ट कर 37 लाख की ठगी; मुंबई पुलिस व CBI अधिकारी बनकर डराया

Tue, 05 May 2026 09:37 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Tue, 05 May 2026 09:37 PM IST
सार

भोपाल में ठगों ने खुद को पुलिस-सीबीआई बताकर वृद्ध दंपति को डिजिटल अरेस्ट किया और 24 घंटे वीडियो कॉल पर बंधक रखकर 37.60 लाख रुपये ठग लिए। विरोध करने पर भी नहीं छोड़ा। 

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An elderly couple living in Arera Colony was digitally arrested and duped of Rs 37 lakh
साइबर अपराध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी में रहने वाले एक सेवानिवृत्त अधिकारी और उनकी पत्नी साइबर ठगी का शिकार हो गए। जालसाजों ने खुद को मुंबई पुलिस और CBI अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” किया और करीब 24 घंटे तक वीडियो कॉल के जरिए बंधक बनाए रखा। इस दौरान उनसे 37 लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। मामले में हबीबगंज थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है, जबकि जांच साइबर क्राइम शाखा कर रही है।

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पुलिस के अनुसार, 75 वर्षीय अविनाश कक्कड़ अपनी 70 वर्षीय पत्नी शशि कक्कड़ के साथ अरेरा कॉलोनी स्थित ई-5 में रहते हैं। वे मंडीदीप की एक निजी फैक्ट्री से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। 30 अप्रैल की रात उन्हें व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल आया। कॉल करने वालों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को मुंबई से CBI अधिकारी बताया।

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बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन का झांसा

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जालसाजों ने दंपति पर फेडरल और इंडसइंड बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन का आरोप लगाया और कार्रवाई की धमकी दी। उन्होंने कहा कि जांच से बचने के लिए खातों में मौजूद रकम “वेरिफिकेशन” के लिए ट्रांसफर करनी होगी, जो बाद में लौटा दी जाएगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट और CBI के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे गए।

पढ़ें: भोपाल में हाई अलर्ट ड्रिल: एनएसजी ने ‘आतंकी हमले’ का किया सजीव अभ्यास, रानी कमलापति स्टेशन के पास दिखाया दमखम

आरोपियों के निर्देश पर अविनाश कक्कड़ बैंक पहुंचे और 37.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस दौरान उनकी पत्नी को वीडियो कॉल पर लगातार “नजरबंद” रखा गया, ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। रकम ट्रांसफर होने के बाद ठगों को दंपति की दो एफडी (15-15 लाख रुपये) की जानकारी मिली। उन्होंने इन्हें तुड़वाने के लिए दबाव बनाया, लेकिन बैंक अधिकारियों ने अवधि पूरी न होने के कारण मना कर दिया।

घायल वृद्धा को अस्पताल भी नहीं जाने दिया
घर लौटने पर शशि कक्कड़ गिर गईं, जिससे उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई। इसके बावजूद जालसाजों ने एम्बुलेंस बुलाने से मना कर दिया और कहा कि उनकी टीम डॉक्टर लेकर आएगी। वृद्धा दर्द से तड़पती रहीं और अविनाश कक्कड़ आरोपियों से मदद की गुहार लगाते रहे।

इसी दौरान दंपति की बेटी घर पहुंची और उसने तुरंत वीडियो कॉल कटवाकर राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर संपर्क किया। वहां से हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। पुलिस के मुताबिक, जालसाजों ने करीब 24 घंटे तक दंपति को डिजिटल रूप से बंधक बनाए रखा। अब साइबर क्राइम टीम उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें पैसा ट्रांसफर हुआ, साथ ही कॉल करने वाले नंबरों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। घटना में घायल शशि कक्कड़ का कूल्हे का ऑपरेशन मंगलवार को किया गया।

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