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Aadhar card: एमपी में अब स्कूलों में ही बनेंगे विद्यार्थियों के आधार कार्ड, अगले सप्ताह से चलेगा विशेष अभियान
Sat, 16 Aug 2025 09:34 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 16 Aug 2025 09:34 PM IST
सार
MP में स्कूल के बच्चों के आधार कार्ड तैयार करने के लिये स्कूल में ही विशेष अभियान 18 अगस्त से चलाया जाएगा। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केन्द्र ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के साथ समन्वय किया है।
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स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश में स्कूल के बच्चों के आधार कार्ड तैयार करने के लिये स्कूल में ही विशेष अभियान 18 अगस्त से चलाया जाएगा। इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केन्द्र ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के साथ समन्वय किया है। सरकारी स्कूलों में छात्रों की सुविधा के लिए आधार नामांकन और अपडेट शिविर लगाए जाएंगे। इस अभियान का नाम होगा 'विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार’।
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40 जिलों में एक साथ शुरू होगा
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि 18 अगस्त से प्रारंभ होने वाला अभियान का पहला चरण मध्यप्रदेश के 40 जिलों में एक साथ शुरू होगा और एक से दो महीने तक चलेगा। आधार शिविरों की प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए (यूआईडीएआई) ने जिलों में उन पिन कोड की पहचान की है, जहां सबसे ज़्यादा एमबीयू लंबित हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने मुख्य रूप से इन पिन कोड के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों को शिविरों के लिए चुना है। शेष 15 जिलों में दूसरा चरण सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में शुरू होगा।
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जाने क्या है खास
-स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पर केंद्रित है।
-इसमें बच्चों के आधार कार्ड में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है।
-पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क रखा गया है। विद्यार्थी की उम्र 7 वर्ष की आयु से अधिक होने के बाद शुल्क लागू होगा।
-दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है, जब विद्यार्थी 15 वर्ष का हो जाएगा।
-तीसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होगा।
यह भी पढ़ें- एमपी कांग्रेस के 71 जिला अध्यक्षों का एलान, 18 दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को गुना की जिम्मेदारी
छात्रों के लिए फायदेमंद रहेगा अभियान
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि विद्यार्थी के लिए आधार, 'अब विद्यालय के द्वार' अभियान के अंतर्गत बनेगा। सरकारी स्कूलों में आधार शिविर न केवल छात्रों को अपना अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट करवाने में सुविधा प्रदान करेंगे बल्कि आवश्यक होने पर आधार में नाम सुधार, अपार आईडी बनाने के लिए और मोबाइल नंबर अपडेट के लिए भी उन्हें सुविधा प्रदान करेंगे।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को अपने-अपने जिलों में आधार शिविर योजना का प्रचार करने के लिए कहा गया है।
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40 जिलों में एक साथ शुरू होगा
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि 18 अगस्त से प्रारंभ होने वाला अभियान का पहला चरण मध्यप्रदेश के 40 जिलों में एक साथ शुरू होगा और एक से दो महीने तक चलेगा। आधार शिविरों की प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए (यूआईडीएआई) ने जिलों में उन पिन कोड की पहचान की है, जहां सबसे ज़्यादा एमबीयू लंबित हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने मुख्य रूप से इन पिन कोड के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों को शिविरों के लिए चुना है। शेष 15 जिलों में दूसरा चरण सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में शुरू होगा।
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जाने क्या है खास
-स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पर केंद्रित है।
-इसमें बच्चों के आधार कार्ड में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है।
-पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क रखा गया है। विद्यार्थी की उम्र 7 वर्ष की आयु से अधिक होने के बाद शुल्क लागू होगा।
-दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है, जब विद्यार्थी 15 वर्ष का हो जाएगा।
-तीसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होगा।
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छात्रों के लिए फायदेमंद रहेगा अभियान
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि विद्यार्थी के लिए आधार, 'अब विद्यालय के द्वार' अभियान के अंतर्गत बनेगा। सरकारी स्कूलों में आधार शिविर न केवल छात्रों को अपना अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट करवाने में सुविधा प्रदान करेंगे बल्कि आवश्यक होने पर आधार में नाम सुधार, अपार आईडी बनाने के लिए और मोबाइल नंबर अपडेट के लिए भी उन्हें सुविधा प्रदान करेंगे।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को अपने-अपने जिलों में आधार शिविर योजना का प्रचार करने के लिए कहा गया है।
