{"_id":"618cbdfbc13f0508ab02d5ef","slug":"bhopal-death-of-an-old-man-living-in-his-house-for-16-years-the-daughter-of-the-old-age-home-operator-lit-the-fire","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल: अपना घर में 16 साल से रह रहे बुजुर्ग की मौत, वृद्धाश्रम संचालिका की बेटी ने दी मुखाग्नि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल: अपना घर में 16 साल से रह रहे बुजुर्ग की मौत, वृद्धाश्रम संचालिका की बेटी ने दी मुखाग्नि
Thu, 11 Nov 2021 12:23 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 11 Nov 2021 12:23 PM IST
सार
भोपाल के वृद्धाश्रम में 16 साल से रह रहे वृद्ध का निधन हो गया। परिजन थे तो नहीं तो वृद्धाश्रम की संचालिका की 20 साल की बेटी ने वृद्ध का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
भोपाल में वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्ध का अंतिम संस्कार करती विभूति मिश्रा।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भोपाल में कोलार रोड स्थित सर्वधर्म कॉलोनी में चलने वाले अपना घर वृद्धाश्रम में 16 साल से रह रहे बुजुर्ग की मौत हो गई। उनके परिवार से कोई भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। तब वृद्धाश्रम की संचालिका माधुरी मिश्रा की बेटी विभूति मिश्रा ने अंतिम संस्कार किया।
अपना घर वृद्धाश्रम की संचालिका माधुरी मिश्रा ने बताया कि 88 वर्षीय किशन बत्रा की वृद्धावस्था के चलते बुधवार को मौत हो गई। उनके परिजनों से संपर्क किया गया, पर कोई भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। तब मेरी बेटी 20 साल की छोटी बेटी विभूति ने सनखेड़ी विश्राम घाट पर उन्हें मुखाग्नि दी और विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया।
मिश्रा ने बताया कि किशन बत्रा 16 साल से वृद्धाश्रम में थे। इस दौरान मेरी बेटियों का बचपन भी उनके साथ ही बीता। वे नसरुल्लागंज के रहने वाले थे। कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। अस्पताल में इलाज भी कराया। किशन बत्रा ने शादी नहीं की थी। भाई की कोराना से मौत हो चुकी है। अन्य परिजनों का पता नहीं चल सका। इस समय अपना घर वृद्धाश्रम में 23 बुजुर्ग रह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपना घर वृद्धाश्रम की संचालिका माधुरी मिश्रा ने बताया कि 88 वर्षीय किशन बत्रा की वृद्धावस्था के चलते बुधवार को मौत हो गई। उनके परिजनों से संपर्क किया गया, पर कोई भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। तब मेरी बेटी 20 साल की छोटी बेटी विभूति ने सनखेड़ी विश्राम घाट पर उन्हें मुखाग्नि दी और विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
मिश्रा ने बताया कि किशन बत्रा 16 साल से वृद्धाश्रम में थे। इस दौरान मेरी बेटियों का बचपन भी उनके साथ ही बीता। वे नसरुल्लागंज के रहने वाले थे। कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। अस्पताल में इलाज भी कराया। किशन बत्रा ने शादी नहीं की थी। भाई की कोराना से मौत हो चुकी है। अन्य परिजनों का पता नहीं चल सका। इस समय अपना घर वृद्धाश्रम में 23 बुजुर्ग रह रहे हैं।
विज्ञापन
