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MP News: 1995 में भोपाल कोर्ट में गैंगवार के बाद चर्चा में आया था मुख्तार मलिक, 61 की उम्र में 58 केस थे दर्ज
Sat, 04 Jun 2022 09:53 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 04 Jun 2022 09:53 AM IST
सार
राजस्थान के झालावाड़ में राजधानी भोपाल के बदमाश मुख्तार मलिक की मौत हो गई। मुख्तार मलिक 1995 में भोपाल कोर्ट में गैंगवार के बाद देश भर में चर्चित हुआ। 61 की उम्र में तीन जिलों में 58 केस दर्ज है।
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मुख्तार मलिक (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के झालावाड़ में राजधानी भोपाल के बदमाश मुख्तार मलिक की मौत हो गई। मुख्तार मलिक 1995 में भोपाल कोर्ट में गैंगवार के बाद देश भर में चर्चित हुआ। 61 की उम्र में तीन जिलों में 58 केस दर्ज है।
मुख्तार मलिक के झालावाड़ में गैंगवार में गोली से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत होने की बात सामने आई है। रायसेन जिले का रहने वाला 61 वर्षीय मुख्तार मलिक का आतंक भोपाल, रायसेन, सीहोर समेत आसपास के जिलों में था। 21 साल की उम्र में दुष्कर्म का पहला मामला दर्ज होने के बाद उसके ऊपर भोपाल, रायसेन और जबलपुर तीन जिलों में हत्या, हत्या का प्रयास, दुष्कर्म, अड़बाजी, अपहरण जैसे 58 गंभीर अपराध दर्ज हैं। मुख्तार मलिक 1995 में भोपाल की कोर्ट में हुई गैंगवार के बाद देश में चर्चा में आया था। मुन्ने पेंटर गुट के साथ गैंगवार में तीन बदमाश मारे गए थे। इस मामले में हाईकोर्ट ने मुख्तार मलिक को फांसी की सजा सुनाई थी। इस मामले की अपील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
मुख्तार मलिक के बारे में कहा जाता है कि उसने 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा तक को धमकी दी थी। उसने भोपाल सेंट्रल जेल में बंद रहने के दौरान जेल अधिकारी पर गोली चलवाई थी। 1996 में मुख्तार ने फिरौती के लिए तीन बच्चों का अपहरण कर लिया था। इसके लिए उसने उत्तर प्रदेश से बदमाश बुलाए थे। पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित बचा लिया था। वहीं मुठभेड़ में बदमाश मारे गए थे।
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राजस्थान पुलिस के अनुसार मुख्तार ने झालावाड़ के एक डैम में मछली पकड़ने का ठेका लिया था। उसका डैम में राजस्थान के बंटी गैंग से विवाद हुआ। जिसमें दोनों तरफ से फायरिंग हुई। इसमें मुख्तार के एक साथी की मौत हो गई। वहीं, मुख्तार घायल हो गया। इलाज के दौरान मुख्तार की भी मौत हो गई।
बता दें मुख्तार का कुछ दिन पहले भोपाल के कोहेफिजा में प्रापर्टी को लेकर भी विवाद हुआ था। जिसमें दोनों तरफ से गोली चली थी। इसके बाद से मुख्तार फरार था। पुलिस ने उस पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था।
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मुख्तार मलिक के झालावाड़ में गैंगवार में गोली से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत होने की बात सामने आई है। रायसेन जिले का रहने वाला 61 वर्षीय मुख्तार मलिक का आतंक भोपाल, रायसेन, सीहोर समेत आसपास के जिलों में था। 21 साल की उम्र में दुष्कर्म का पहला मामला दर्ज होने के बाद उसके ऊपर भोपाल, रायसेन और जबलपुर तीन जिलों में हत्या, हत्या का प्रयास, दुष्कर्म, अड़बाजी, अपहरण जैसे 58 गंभीर अपराध दर्ज हैं। मुख्तार मलिक 1995 में भोपाल की कोर्ट में हुई गैंगवार के बाद देश में चर्चा में आया था। मुन्ने पेंटर गुट के साथ गैंगवार में तीन बदमाश मारे गए थे। इस मामले में हाईकोर्ट ने मुख्तार मलिक को फांसी की सजा सुनाई थी। इस मामले की अपील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
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मुख्तार मलिक के बारे में कहा जाता है कि उसने 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा तक को धमकी दी थी। उसने भोपाल सेंट्रल जेल में बंद रहने के दौरान जेल अधिकारी पर गोली चलवाई थी। 1996 में मुख्तार ने फिरौती के लिए तीन बच्चों का अपहरण कर लिया था। इसके लिए उसने उत्तर प्रदेश से बदमाश बुलाए थे। पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित बचा लिया था। वहीं मुठभेड़ में बदमाश मारे गए थे।
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राजस्थान पुलिस के अनुसार मुख्तार ने झालावाड़ के एक डैम में मछली पकड़ने का ठेका लिया था। उसका डैम में राजस्थान के बंटी गैंग से विवाद हुआ। जिसमें दोनों तरफ से फायरिंग हुई। इसमें मुख्तार के एक साथी की मौत हो गई। वहीं, मुख्तार घायल हो गया। इलाज के दौरान मुख्तार की भी मौत हो गई।
बता दें मुख्तार का कुछ दिन पहले भोपाल के कोहेफिजा में प्रापर्टी को लेकर भी विवाद हुआ था। जिसमें दोनों तरफ से गोली चली थी। इसके बाद से मुख्तार फरार था। पुलिस ने उस पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था।
