{"_id":"623e06b90a371f30a84272a0","slug":"bhopal-at-the-chitra-bharati-film-festival-akshay-said-the-painful-truth-of-the-country-shook-everyone-in-the-kashmir-files","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल: चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल में अक्षय बोले- द कश्मीर फाइल्स में देश के दर्दनाक सच ने सभी को झकझोर दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल: चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल में अक्षय बोले- द कश्मीर फाइल्स में देश के दर्दनाक सच ने सभी को झकझोर दिया
Sat, 26 Mar 2022 10:49 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 26 Mar 2022 10:49 AM IST
सार
राजधानी भोपाल में चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल के उदघाटन समारोह में अभिनेता अक्षय कुमार ने कहा कि विवेक अग्निहोत्री ने द कश्मीर फाइल्स फिल्म बनाकर हमारे देश के दर्दनाक सच को सामने रखा है। यह फिल्म एक ऐसी वेव बनकर आई, जिसने हम सभी को झकझोर दिया है। यह और बात है कि मेरी फिल्म को इसने डूबा दिया।
विज्ञापन
अभिनेता अक्षय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में अभिनेता अक्षय कुमार ने कहा कि विवेक अग्निहोत्री ने द कश्मीर फाइल्स बनाकर देश के बड़े दर्दनाक सच को सामने रखा है। यह फिल्म एक ऐसी वेव बनकर आई, जिसने हम सभी को झकझोर रख दिया है। यह बात और है कि मेरी फिल्म को इस वेव ने डूबा दिया।
भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में शुक्रवार को चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल के चतुर्थ संस्करण के औपचारिक उद्घाटन समारोह को अभिनेता अक्षय कुमार ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस देश ने 70 साल एक ऐसे प्रधानमंत्री का इंतजार किया जो यह बता सके कि हर घर में शौचालय हो। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान के कारण आज इस महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में जागरूकता आई है।
अक्षय कुमार ने कहा कि सिनेमा मनोरंजन का माध्यम है लेकिन उसका उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन हो, ऐसा नहीं है। कुछ फिल्में सच भी बयान करती हैं और सामाजिक संदेश देती हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपनी उन फिल्मों का उल्लेख किया, जो सामाजिक मुद्दों पर बनी हैं। उन्होंने कहा कि असफलताएं हमारे जीवन का हिस्सा हैं लेकिन असफलताओं के आगे हमें अपनी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। मैंने भी काफी समय असफलताओं का सामना किया है।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर की वास्तविकता किसी ने नहीं दिखाई
फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर अब तक बहुत फिल्में बनाई गईं, लेकिन किसी ने वास्तविकता को नहीं दिखाया। बल्कि उन फिल्मों में आतंकवादियों को सही ठहराने का ही काम किया गया। फिल्मों के माध्यम से हमने डाकुओं, लुटेरों, नक्सलियों और आतंकियों का महिमामंडन किया। यह भारतीयता विरोधी नैरेटिव था। अब समय आ गया है कि फिल्मों के माध्यम से भारत के विमर्श को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अगले 5 साल तक 51-51 हजार रुपये वार्षिक स्कॉलरशिप देने की घोषणा की। भारतीय साहित्य, सभ्यता, सिनेमा पर काम करने के लिए तीन छात्राओं को यह छात्रवृत्ति दी जाएगी।
घर में लगाएं क्रांतिकारियों के चित्र
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा कि हम अपने घर में मुख्य स्थान पर क्रांतिकारियों का चित्र लगाएं। रोज उस चित्र को देखने से हमारा चित्त भी राष्ट्रप्रेम से भर उठेगा। हमारे चित्त की वृत्ति वैसी बनेगी। उन्होंने कहा कि द कश्मीर फाइल्स जैसी फ़िल्म देखकर भूल नहीं जाना, बल्कि सजग सिपाही बनना और अपने आसपास ध्यान रखना कि कोई और फाइल न बन जाए।
पांच श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
भारतीय चित्र साधना के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला ने बताया कि अक्षय कुमार ने कहा है- चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल के पांच श्रेणियों में प्रत्येक विजेताओं को पुरस्कार में एक-एक लाख रुपये अतिरिक्त उनकी ओर से दिया जाएगा। सिनेमा में भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता मिले, ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने पूरे आयोजन की जानकारी भी दी। इससे पूर्व स्वागत भाषण पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने दिया।
विज्ञापन
भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में शुक्रवार को चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल के चतुर्थ संस्करण के औपचारिक उद्घाटन समारोह को अभिनेता अक्षय कुमार ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस देश ने 70 साल एक ऐसे प्रधानमंत्री का इंतजार किया जो यह बता सके कि हर घर में शौचालय हो। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान के कारण आज इस महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में जागरूकता आई है।
विज्ञापन
अक्षय कुमार ने कहा कि सिनेमा मनोरंजन का माध्यम है लेकिन उसका उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन हो, ऐसा नहीं है। कुछ फिल्में सच भी बयान करती हैं और सामाजिक संदेश देती हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपनी उन फिल्मों का उल्लेख किया, जो सामाजिक मुद्दों पर बनी हैं। उन्होंने कहा कि असफलताएं हमारे जीवन का हिस्सा हैं लेकिन असफलताओं के आगे हमें अपनी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। मैंने भी काफी समय असफलताओं का सामना किया है।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर की वास्तविकता किसी ने नहीं दिखाई
फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर अब तक बहुत फिल्में बनाई गईं, लेकिन किसी ने वास्तविकता को नहीं दिखाया। बल्कि उन फिल्मों में आतंकवादियों को सही ठहराने का ही काम किया गया। फिल्मों के माध्यम से हमने डाकुओं, लुटेरों, नक्सलियों और आतंकियों का महिमामंडन किया। यह भारतीयता विरोधी नैरेटिव था। अब समय आ गया है कि फिल्मों के माध्यम से भारत के विमर्श को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अगले 5 साल तक 51-51 हजार रुपये वार्षिक स्कॉलरशिप देने की घोषणा की। भारतीय साहित्य, सभ्यता, सिनेमा पर काम करने के लिए तीन छात्राओं को यह छात्रवृत्ति दी जाएगी।
घर में लगाएं क्रांतिकारियों के चित्र
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा कि हम अपने घर में मुख्य स्थान पर क्रांतिकारियों का चित्र लगाएं। रोज उस चित्र को देखने से हमारा चित्त भी राष्ट्रप्रेम से भर उठेगा। हमारे चित्त की वृत्ति वैसी बनेगी। उन्होंने कहा कि द कश्मीर फाइल्स जैसी फ़िल्म देखकर भूल नहीं जाना, बल्कि सजग सिपाही बनना और अपने आसपास ध्यान रखना कि कोई और फाइल न बन जाए।
पांच श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
भारतीय चित्र साधना के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला ने बताया कि अक्षय कुमार ने कहा है- चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल के पांच श्रेणियों में प्रत्येक विजेताओं को पुरस्कार में एक-एक लाख रुपये अतिरिक्त उनकी ओर से दिया जाएगा। सिनेमा में भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता मिले, ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने पूरे आयोजन की जानकारी भी दी। इससे पूर्व स्वागत भाषण पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने दिया।
