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भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस कार्यप्रणाली में दस्तयाब, इस्तगासा जैसे उर्दू-फारसी के 350 शब्द बदलेंगे, अफसरों को चिट्ठी भेजकर मांगे सरल शब्दों के सुझाव
Wed, 19 Jan 2022 02:10 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 19 Jan 2022 02:10 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में प्रचलित उर्दू व फारसी के शब्दों की जगह अब हिंदी के सरल शब्द लेंगे। लगभग 350 शब्दों को बदला जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को इस संबंध में पुलिस अफसरों से कठिन शब्दों के स्थान पर हिंदी के शब्द सुझाने के लिए कहा है।
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मध्य प्रदेश पुलिस(लोगो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में प्रचलित उर्दू व फारसी के शब्दों की जगह अब हिंदी के सरल शब्द लेंगे। लगभग 350 शब्दों को बदला जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को इस संबंध में तमाम पुलिस अफसरों को चिट्ठी जारी कर कठिन शब्दों के स्थान पर हिंदी के शब्द सुझाने के लिए कहा है।
बता दें कि फिलहाल प्रदेश की पुलिस देहाती नालसी, दस्तयाब, हिकमतअलमी, साना, परवाना, खारजी, इस्तगासा, इत्तला जैसे कई कठिन शब्दों का इस्तेमाल कर रही है। ऐसे लगभग 350 शब्दों को बदला जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को इस संबंध में तमाम पुलिस अफसरों को चिट्ठी जारी कर उनसे इनके स्थान पर हिंदी के शब्द सुझाने के लिए कहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रिसर्च एंड डेवलपमेंट अनिल कुमार गुप्ता ने पत्र में कहा है कि 7 दिन के अंदर निर्धारित प्रोफार्मा में अपने सुझाव भेजें। ऐसे शब्दों का हिंदी शब्दकोष तैयार कर गृह विभाग को भेजा जाएगा।
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गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में ‘दस्तयाब’ शब्द को मुगलकालीन बताते हुए सरल शब्दों का उपयोग करने की सलाह दी थी। दिल्ली, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में ऐसे कई शब्दों को बदला जा चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में यह पहला मौका है, जब मुख्यमंत्री ने इन शब्दों को बदलने के निर्देश दिए थे। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा था कि ऐसे शब्द जो व्यवहार में नहीं हैं उन्हें बदले जाएंगे। पुलिस द्वारा उर्दू फ़ारसी शब्द के बजाय सरल हिंदी का इस्तेमाल किया जाएगा।
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बता दें कि फिलहाल प्रदेश की पुलिस देहाती नालसी, दस्तयाब, हिकमतअलमी, साना, परवाना, खारजी, इस्तगासा, इत्तला जैसे कई कठिन शब्दों का इस्तेमाल कर रही है। ऐसे लगभग 350 शब्दों को बदला जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को इस संबंध में तमाम पुलिस अफसरों को चिट्ठी जारी कर उनसे इनके स्थान पर हिंदी के शब्द सुझाने के लिए कहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रिसर्च एंड डेवलपमेंट अनिल कुमार गुप्ता ने पत्र में कहा है कि 7 दिन के अंदर निर्धारित प्रोफार्मा में अपने सुझाव भेजें। ऐसे शब्दों का हिंदी शब्दकोष तैयार कर गृह विभाग को भेजा जाएगा।
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गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में ‘दस्तयाब’ शब्द को मुगलकालीन बताते हुए सरल शब्दों का उपयोग करने की सलाह दी थी। दिल्ली, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में ऐसे कई शब्दों को बदला जा चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में यह पहला मौका है, जब मुख्यमंत्री ने इन शब्दों को बदलने के निर्देश दिए थे। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा था कि ऐसे शब्द जो व्यवहार में नहीं हैं उन्हें बदले जाएंगे। पुलिस द्वारा उर्दू फ़ारसी शब्द के बजाय सरल हिंदी का इस्तेमाल किया जाएगा।
