एमपी में तीन पटवारी बर्खास्त: नक्शा नहीं बनाया, 82 दिन गायब रहे, नोटिस का जवाब भी नहीं दिया; कार्रवाई
अशोकनगर जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता पर प्रशासन ने तीन पटवारियों को निलंबित किया है। कार्रवाई समय पर नक्शा तैयार नहीं करने, 82 दिनों तक बिना सूचना अनुपस्थित रहने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों व नोटिस की अवहेलना करने पर हुई।
विस्तार
अशोकनगर जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले तीन पटवारियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को अशोकनगर, ईसागढ़ और मुंगावली अनुविभाग में पदस्थ तीन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रशासन ने यह कार्रवाई समयसीमा में नक्शा तैयार नहीं करने, बिना सूचना लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने के मामलों में की है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों और आम जनता से जुड़े राजस्व कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहली कार्रवाई अशोकनगर अनुभाग में हुई। एसडीएम इसरार खान ने बामोरीताल हल्के में पदस्थ पटवारी अरविंद रघुवंशी को निलंबित कर दिया। उन पर सेमरीलोहाबाद गांव का नक्शा तय समयसीमा में तैयार नहीं करने का आरोप है। इस संबंध में उन्हें कई बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन उन्होंने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
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दूसरी कार्रवाई ईसागढ़ अनुभाग में हुई। एसडीएम त्रिलोचन गौड़ ने गणेशखेड़ा में पदस्थ महिला पटवारी प्रेमवती बैगा को निलंबित किया है। जांच में सामने आया कि वे 26 जून से 15 सितंबर तक लगातार 82 दिनों तक बिना किसी आवेदन या सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहीं।
उनकी लंबे समय तक अनुपस्थिति के कारण क्षेत्र में किसानों से जुड़े नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए। ग्रामीणों को अपने काम के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़े। प्रशासन ने इसे पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की।
तीसरी कार्रवाई मुंगावली अनुभाग में हुई। एसडीएम बृजविहारी लाल श्रीवास्तव ने बामोरीखुटिया हल्के के पटवारी किशोरी खेस को निलंबित किया है। उन पर जमीन सुधार से जुड़े एक प्रकरण में बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने का आरोप है।
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का भी उन्होंने जवाब नहीं दिया। इसे पदीय दायित्वों की अवहेलना मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय एसडीएम कार्यालय मुंगावली निर्धारित किया गया है।
