फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ashoknagar News ›   Fake IAS officer Tripti connection exposed CBI cards and letterheads recovered from her home and in-laws house

एमपी: IAS बनकर ठगी करने वाली तृप्ति के घर से मिला CBI कार्ड और भारत सरकार वाली कार, खुलने लगे कई राज

Wed, 26 Aug 2026 09:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोक नगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोक नगर Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 26 Aug 2026 09:22 PM IST
सार

फर्जी IAS और मध्य प्रदेश टूरिज्म अधिकारी बनकर ठगी करने वाली तृप्ति राजपूत के भोपाल कनेक्शन की जांच में पुलिस ने घर और ससुराल पर छापा मारा। फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड और सरकारी कार मिली। दो आरोपी फरार हैं।

विज्ञापन
Fake IAS officer Tripti connection exposed CBI cards and letterheads recovered from her home and in-laws house
कभी IAS तो कभी टूरिज्म अफसर बनी तृप्ति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खुद को IAS और मध्य प्रदेश टूरिज्म की बड़ी अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाली तृप्ति राजपूत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चंदेरी पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए उसके भोपाल कनेक्शन की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच के सिलसिले में पुलिस तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को भोपाल लेकर पहुंची। यहां बागमुगालिया स्थित उसके घर और अल्कापुरी स्थित ससुराल में तलाशी ली गई।

विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान पुलिस को घर से फर्जी CBI पहचान पत्र, लेटरहेड और ठगी से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा एक सफेद इनोवा कार भी पुलिस की जांच के घेरे में है। कार पर आगे और पीछे ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी इस कार का इस्तेमाल खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताने और लोगों पर रौब जमाने के लिए करती थी।

विज्ञापन

पूरा मामला अशोकनगर जिले के चंदेरी का है। तृप्ति अपने भाई के साथ चंदेरी के किला कोठी होटल में ठहरी थी। यहां उसने खुद को मध्य प्रदेश टूरिज्म की एडिशनल हेड और IAS अधिकारी बताया। होटल में उसकी मुलाकात स्थानीय युवकों से हुई। आरोप है कि उसने युवकों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय में मोटी सैलरी वाली सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ितों में चंदेरी निवासी जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी शामिल हैं। आरोपियों ने प्रत्येक से नौकरी दिलाने के नाम पर तीन-तीन लाख रुपये मांगे। चारों युवकों ने भरोसे में आकर किला कोठी होटल में ही 9 लाख 80 हजार रुपये नकद दे दिए और अपने दस्तावेज भी सौंप दिए। बाकी दो लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने की बात तय हुई थी।


पढ़ें:  विजय शाह मामले में विवेक तन्खा बोले- मंत्री-पूर्व मंत्री के अभियोजन पर सरकार नहीं ले सकती कोई फैसला

काफी समय बीतने के बाद जब न नौकरी मिली और न पैसे वापस किए गए तो युवकों को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने चंदेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को होटल से गिरफ्तार कर लिया।

जांच में तृप्ति से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि उसने खुद को IAS अधिकारी बताकर एक कारोबारी से नजदीकी बढ़ाई और उससे शादी भी कर ली। बाद में कारोबारी से भी ठगी किए जाने का आरोप है। पुलिस अब उसके वैवाहिक और पारिवारिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, तृप्ति महंगे आईफोन, लग्जरी कपड़े और सरकारी गाड़ी जैसी दिखने वाली इनोवा के जरिए लोगों के बीच अपनी हाई-प्रोफाइल छवि बनाती थी। फर्जी लेटरहेड और CBI कार्ड दिखाकर वह लोगों को अपने सरकारी अधिकारी होने का भरोसा दिलाती थी। उसके पास से मिले दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

मामले में दो अन्य आरोपी तनुज बैश्य और अंजली सिंह अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने चंदेरी के अलावा भोपाल और अन्य जिलों में भी लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी की हो सकती है। पुलिस अब पुराने मामलों को भी खंगाल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed