बीच रास्ते एंबुलेंस का डीजल खत्म, प्रसूता ने दम तोड़ा
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एक छोटी सी लापरवाही से एक प्रसूता की जान पर बन आई और किसी और की लापरवाही की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। घटना मध्यप्रदेश के कटनी जिले की है, जहां के एक सामुदायिक स्वास्थ केंद्र (बरही) से प्रसूता को लेकर कटनी जिला अस्पताल जा रही जननी एक्सप्रेस का डीजल खत्म हो जाने के कारण प्रसूता की मौत हो गई।
महिला के ससुर ने बताया कि एंबुलेंस के लिए डीजल का इंतजाम करने में चालक को करीब आधा घंटे का समय लग गया। वह बहू को लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जब प्रसूता को जननी एक्सप्रेस से रेफर किया तब अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर हालत का हवाला देते हुए 108 एंबुलेंस से भेजे जाने की बात कही थी, लेकिन एंबुलेंस स्टाफ ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें जननी एक्सप्रेस से ही मरीज को ले जाने की सलाह दे दी।
एंबुलेंस के कारण नहीं हुई मौत
जिला अस्पताल के सीएमएचओ डा. जीसी चौरसिया का कहना था कि स्टाफ पर्याप्त है। बहुत ही नाजुक हालत में रेफर किया जाता है। इसलिए कई मामलों में मरीज की मौत हो जाती है।
एम्बुलेंस के कारण मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वो जानकारी लेंगे। वहीं बरही के मेडिकल अधिकारी डॉ.एसएस शिकरवार ने बताया कि एम्बुलेंस 108 खड़ी थी।
उन्होंने मरीज ले जाने के लिए कहा और आगाह किया था कि प्रसूता की हालत नाजुक है, लेकिन एम्बुलेंस वालों ने नियमों का हवाला देकर गंभीर मरीज को ले जाने से इंकार कर दिया था।
क्या है मामला
डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल कटनी के लिए रेफर कर दिया। सोमवती को परिजन जननी एक्सप्रेस से कटनी जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन जब तक वे अस्पताल पहुंचते सोमवती की मौत हो चुकी थी।
प्रसूता के ससुर नंदू कुमार ने बताया कि रास्ते में एंबुलेंस का डीजल खत्म हो गया था। डीजल लाने में करीब आधा घंटे का समय लग गया। इससे बहू को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
