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MP: सांस लेने की तकलीफ से पीड़ित तीन माह की बच्ची को 51 बार गर्म सलाखों से दागा, हालत बिगड़ने पर ले गए अस्पताल
Thu, 26 Jan 2023 12:45 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 26 Jan 2023 12:45 PM IST
सार
परिजनों ने अंधविश्वास के फेर में इलाज के नाम पर तीन माह की बालिका को गर्म सलाखों से दगवा दिया है। इसके बाद भी सुधार नहीं आया तो बालिका की हालत बिगड़ी देख परिजन उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज में लेकर आए और भर्ती करा दिया।
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शहडोल मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्ची
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल में सांस लेने में तकलीफ होने पर एक मासूम बच्ची को गर्म सलाखों से 51 बार दागने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार शहर के पुरानी बस्ती में सांस लेने की तकलीफ एक तीन माह की बच्ची को गर्म सलाखों से 51 बार दागा गया। जब बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर गए, फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है।
डॉक्टर निशांत प्रभाकर के अनुसार बालिका की हालत नाजुक बनी हुई है, बताया जा रहा है कि पुरानी बस्ती निवासी रुचिता कोल जन्म के बाद से ही बीमार चल रही थी, निमोनिया और धड़कन तेज चलने की समस्या होने पर परिजनों ने अंधविश्वास के फेर में इलाज के नाम पर बालिका को गर्म सलाखों से दगवा दिया है। इसके बाद भी सुधार नहीं आया तो बालिका की हालत बिगड़ी देख परिजन उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज में लेकर आए और भर्ती करा दिया। परिजनों ने बताया है कि कुछ दिन पूर्व बालिका को दकना कराया था, स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिला था, इसलिए उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया है। शिशु रोग विभाग की टीम बालिका की निगरानी में लगी है। इलाज शुरू कर दिया है।
मामले में जब कलेक्टर वंदना वैद्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। गांव में अभियान चलाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे, हालांकि लगातार यह अभियान चल रहा है, अभियान में और तेजी लाने की बात कही है।
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डॉक्टर निशांत प्रभाकर के अनुसार बालिका की हालत नाजुक बनी हुई है, बताया जा रहा है कि पुरानी बस्ती निवासी रुचिता कोल जन्म के बाद से ही बीमार चल रही थी, निमोनिया और धड़कन तेज चलने की समस्या होने पर परिजनों ने अंधविश्वास के फेर में इलाज के नाम पर बालिका को गर्म सलाखों से दगवा दिया है। इसके बाद भी सुधार नहीं आया तो बालिका की हालत बिगड़ी देख परिजन उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज में लेकर आए और भर्ती करा दिया। परिजनों ने बताया है कि कुछ दिन पूर्व बालिका को दकना कराया था, स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिला था, इसलिए उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया है। शिशु रोग विभाग की टीम बालिका की निगरानी में लगी है। इलाज शुरू कर दिया है।
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मामले में जब कलेक्टर वंदना वैद्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। गांव में अभियान चलाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे, हालांकि लगातार यह अभियान चल रहा है, अभियान में और तेजी लाने की बात कही है।
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