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भोपाल में 23 किमी का ग्रीन कॉरीडोर: मां के ब्रेन डेड होने पर बेटे ने दूसरो को जीवन देने अंगदान किया, 15 मिनट में किडनी दूसरे अस्पताल पहुंचाई
Sat, 29 Jan 2022 09:32 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 29 Jan 2022 09:32 PM IST
सार
भोपाल के बंसल अस्पताल में 67 वर्षीय शांतिदेवी ब्रेन डेड हो गई। चिरायु अस्पताल में भर्ती मरीज को किडनी पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया। 15 मिनट में किडनी 23 किलोमीटर दूर पहुंचाई गई।
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भोपाल में 23 किमी का ग्रीन कॉरिडोर बनाया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के बंसल अस्पताल में 67 वर्षीय शांतिदेवी के ब्रेन डेड होने पर शनिवार को अंगदान किया गया। उनकी किडनी, लीवर और आंखे बंसल अस्पताल में दान की गई। चिरायु अस्पताल में भर्ती मरीज को किडनी दान की गई। इसके लिए बंसल अस्पताल से न्यू चिरायु अस्पताल तक 23 किलो मीटर का ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया। यातायात पुलिस के सहयोग से बनाए ग्रीन कॉरिडोर से 15 मिनट में किडनी चिरायु अस्पताल पहुंचाई गई।
सीहोर जिले में पुलिस में सूबेदार के पद पर पदस्थ बृजमोहन की मां शांतिदेवी को गुना जिले के सतनपुर गांव में 25 जनवरी को चक्कर और उल्टियां हुई थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज होना बताया। परिजन उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन में अत्याधिक खून बहने से सर्जरी की स्थिति नहीं होने की बात कही। तीन दिन बाद डॉक्टरों ने शांतिदेवी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। बृजमोहन ने अंगदान करने का निर्णय लिया। लीवर, किडनी और आंखें बंसल अस्पताल में दान की गई। एक किडनी न्यू चिरायु अस्पताल में भर्ती मरीज को लगाई गई। इसके लिए 23 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसकी मदद से 15 मिनट में अंग को न्यू चिरायु अस्पताल पहुंचाया गया।
सूबेदार बृजमोहन ने बताया कि वह पुलिस में सेवा का काम करते है। रक्तदान शिविर के साथ ही कई बार अंगदान में ग्रीन कॉरिडोर में भी उनकी ड्यूटी लगी। इससे उन्हें अपनी मां के अंगदान करने की प्रेरणा मिली। ग्रीन कॉरिडोर में व्यवस्तम ट्रैफिक समय में संपूर्ण व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात के साथ 1 सहायक पुलिस आयुक्त, 2 निरीक्षक, 2 सूबेदार, 9 उपनिरीक्षक, 8 सहायक उपनिरीक्षक, 54 आरक्षक, प्रधान आरक्षक एवं 7 एसटीएस मोबाइल लगाए गए। जिसमें कुल 90 यातायात पुलिस कर्मचारी लगाए गए।
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सीहोर जिले में पुलिस में सूबेदार के पद पर पदस्थ बृजमोहन की मां शांतिदेवी को गुना जिले के सतनपुर गांव में 25 जनवरी को चक्कर और उल्टियां हुई थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज होना बताया। परिजन उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन में अत्याधिक खून बहने से सर्जरी की स्थिति नहीं होने की बात कही। तीन दिन बाद डॉक्टरों ने शांतिदेवी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। बृजमोहन ने अंगदान करने का निर्णय लिया। लीवर, किडनी और आंखें बंसल अस्पताल में दान की गई। एक किडनी न्यू चिरायु अस्पताल में भर्ती मरीज को लगाई गई। इसके लिए 23 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसकी मदद से 15 मिनट में अंग को न्यू चिरायु अस्पताल पहुंचाया गया।
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सूबेदार बृजमोहन ने बताया कि वह पुलिस में सेवा का काम करते है। रक्तदान शिविर के साथ ही कई बार अंगदान में ग्रीन कॉरिडोर में भी उनकी ड्यूटी लगी। इससे उन्हें अपनी मां के अंगदान करने की प्रेरणा मिली। ग्रीन कॉरिडोर में व्यवस्तम ट्रैफिक समय में संपूर्ण व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात के साथ 1 सहायक पुलिस आयुक्त, 2 निरीक्षक, 2 सूबेदार, 9 उपनिरीक्षक, 8 सहायक उपनिरीक्षक, 54 आरक्षक, प्रधान आरक्षक एवं 7 एसटीएस मोबाइल लगाए गए। जिसमें कुल 90 यातायात पुलिस कर्मचारी लगाए गए।
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