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सुन्नी वक्फ बोर्ड का लगातार तीसरी बार चेयरमैन बने जुफर फारूकी, सपा समर्थित इमरान माबूद सिर्फ एक वोट से हारे
Tue, 09 Mar 2021 08:54 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 09 Mar 2021 08:54 PM IST
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सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन पर जुफर फारूकी ने लगातार तीसरी बार अपना कब्जा बरकरार रखा। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी सपा समर्थित उम्मीदवार इमरान माबूद खान को एक वोट से हराया। बापू भवन में मंगलवार को हुए मतदान में फारूकी को 6 और माबूद को पांच वोट मिले हैं। मतदान की प्रक्रिया चुनाव पर्यवेक्षक विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ शिवाकांत द्विवेदी की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान बोर्ड के सभी 11 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 8 निर्वाचित व तीन नामित सदस्य हैं। चुनाव का संचालन सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शुऐब ने किया।
चेयरमैन के चुनाव में सांसद, विधायक कोटे से दो-दो सदस्यों के चुने जाने की वजह से हमेशा सत्ताधारी दल का समर्थित ही चेयरमैन चुनाव जाता रहा है। इस बार सत्ताधारी भाजपा से बोर्ड में सदस्य न होने की वजह से विपक्ष का पलड़ा भारी था। बोर्ड में सपा से तीन, बसपा से एक सदस्य है। वहीं, बार काउंसिल सदस्य कोटे से इमरान माबूद व अब्दुल रज्जाक खां भी सपा के समर्थक जाने जाते हैं। मगर, चेयरमैन के चुनाव के ऐन वक्त पर सपा विधायक अबरार अहमद के पाला बदलने से माबूद को एक वोट से हार का मुंह देखना पड़ा। सपा समर्थित माबूद के पक्ष में बसपा सांसद कुंवर दानिश अली, सपा संसद डॉ. एसटी हसन, विधायक नफीस अहमद, अब्दुल रज्जाक और माबूद खान ने वोट किए। यानी कुल 11 वोट में से माबूद को महज पांच वोट ही मिले और वह एक वोट से चुनाव हार गए।
माबूद ने हार पर हैरत जताते हुए कहा कि विपक्ष की बढ़त होने के बावजूद भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जीत हासिल हुई। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से नामित सदस्यों में से दो लोग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के काफी करीबी है। चर्चा है कि उनकी सिफारिश पर दोनों बोर्ड के सदस्य बने है। नामित सदस्यों ने भी जुफर फारूकी को वोट दिया है।
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चेयरमैन के चुनाव में सांसद, विधायक कोटे से दो-दो सदस्यों के चुने जाने की वजह से हमेशा सत्ताधारी दल का समर्थित ही चेयरमैन चुनाव जाता रहा है। इस बार सत्ताधारी भाजपा से बोर्ड में सदस्य न होने की वजह से विपक्ष का पलड़ा भारी था। बोर्ड में सपा से तीन, बसपा से एक सदस्य है। वहीं, बार काउंसिल सदस्य कोटे से इमरान माबूद व अब्दुल रज्जाक खां भी सपा के समर्थक जाने जाते हैं। मगर, चेयरमैन के चुनाव के ऐन वक्त पर सपा विधायक अबरार अहमद के पाला बदलने से माबूद को एक वोट से हार का मुंह देखना पड़ा। सपा समर्थित माबूद के पक्ष में बसपा सांसद कुंवर दानिश अली, सपा संसद डॉ. एसटी हसन, विधायक नफीस अहमद, अब्दुल रज्जाक और माबूद खान ने वोट किए। यानी कुल 11 वोट में से माबूद को महज पांच वोट ही मिले और वह एक वोट से चुनाव हार गए।
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माबूद ने हार पर हैरत जताते हुए कहा कि विपक्ष की बढ़त होने के बावजूद भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जीत हासिल हुई। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से नामित सदस्यों में से दो लोग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के काफी करीबी है। चर्चा है कि उनकी सिफारिश पर दोनों बोर्ड के सदस्य बने है। नामित सदस्यों ने भी जुफर फारूकी को वोट दिया है।
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