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कभी पापा आड़े आते हैं, तो कभी चाचा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 28 Aug 2013 01:43 PM IST
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अखिलेश की युवा ब्रिगेड इन दिनों काफी परेशान है। इस ब्रिगेड के सदस्य बेचारे खुलकर तो कुछ कह नहीं सकते।
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कहते है भी हैं तो बस इतना ही कि अखिलेश करें तो क्या करें। एजेंडा तय कुछ और करते हैं। पर, पापा और चाचा के चलते उन्हें अपने एजेंडे पर आगे बढ़ने का मौका ही नहीं मिल पाता।
बेचारों ने अभी पिछले दिनों पत्रकारों को बुलाकर अपनी सरकार के डेढ़ साल के कामकाज गिनाए। यह जताने की कोशिश की कि सपा अब विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ेगी।
पर, जब तक इस पर वह आगे बढ़ने की कोशिश करते, तब तक पापा ने एजेंडा ही बदल दिया। पापा ने अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा पर संतों से मुलाकात कर ली तो चाचा का मूड खराब हो गया।
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चाचा ने अपनी ही सरकार के धर्मनिरेपक्ष छवि पर सवाल खड़ा कर दिया। पापा करते तो क्या करते, सरकार से परिक्रमा पर रोक लगवा दी। अब अखिलेश भैया करें तो भी क्या करें।
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