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Lucknow: ऑपरेशन के बाद युवक को जबरन किया डिस्चार्ज, घर पहुंचते ही हुई मौत, अस्पताल पर वसूली का आरोप
Wed, 25 Jun 2025 01:39 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 25 Jun 2025 01:39 PM IST
सार
लखनऊ के तुलसी अस्पताल में आंत के ऑपरेशन के बाद मरीज को जबरन छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर जबरन साइन लेने और इलाज के नाम पर बड़ी रकम की वसूली का आरोप लगाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दुबग्गा स्थित तुलसी हॉस्पिटल में आंत के ऑपरेशन के बाद हुए संक्रमण से सोमवार देर रात मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज को जबरन छुट्टी देकर पेपर पर साइन करवा लिए थे। वहीं, सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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उन्नाव के औरास स्थित मवई गांव के रहने वाले विनोद कुमार की मई में तबीयत बिगड़ गई थी। इस पर परिजन उन्हें नजदीकी कुंदन हॉस्पिटल रहीमाबाद ले गए थे। वहां से डॉ. सत्य प्रकाश ने दुबग्गा स्थित तुलसी हॉस्पिटल भेज दिया था, जहां अस्पताल प्रबंधक ने आंत के ऑपरेशन करने के बदले में साढ़े तीन लाख रुपये वसूल लिए थे। ऑपरेशन के बाद संक्रमण होने से मरीज के टांके सूज गए थे। ऐसे में दोबारा ऑपरेशन किया गया, मगर सूजन खत्म नहीं हुई।
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परिजनों ने आंत के ऑपरेशन के बदले में वसूली व लापरवाही का लगाया था आरोप
तुलसी हॉस्पिटल के संचालक गुरुवेंद्र यादव के अनुसार मरीज के आंत की दोबारा सर्जरी की गई थी। वह चार दिन भर्ती था। उसे डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद तीमारदार मरीज को लेकर घर चले गए थे। लापरवाही का आरोप गलत है।
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सोमवार को भाई राजेंद्र ने पूरे मामले की शिकायत सीएमओ से की थी। इससे नाराज अस्पताल प्रशासन ने विनोद को जबरन डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों के पास इलाज के लिए और रुपये न होने पर वह घर लेकर चले गए। घर पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद विनोद की मौत हो गई। भाई ने अस्पताल प्रशासन पर गलत ऑपरेशन व वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।