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योगी का फैसला: उर्दू शिक्षकों के बाद सपा राज की 32 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया भी निरस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 24 Oct 2018 11:41 AM IST
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अखिलेश यादव व योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उर्दू शिक्षकों के बाद 32,022 खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीआई) के मापदंड के विपरीत होने पर निरस्त कर दी है। इसके पहले सरकार ने सपा राज की चार हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी अक्टूबर में ही निरस्त कर दी थी।
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योगी सरकार ने मार्च 2017 में सत्ता में आते ही अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी थी। शासन स्तर पर हुए मंथन में सामने आया कि आरटीआई के अनुसार अनुदेशक उन्हीं विद्यालयों में नियुक्त हो सकते हैं, जिनमें छात्रों की संख्या 100 से अधिक हो। लेकिन सपा सरकार ने इससे कम छात्रों वाले विद्यालयों में भी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया ही निरस्त कर दी गई।
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खेलकूद और शारीरिक शिक्षा पद पर होनी थी भर्ती
- आरटीआई के अनुसार 100 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों में नियुक्त हो सकते हैं अनुदेशक।
- अखिलेश सरकार ने इससे कम छात्रों पर भी दे दी थी अनुमति।
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संविदा पर होनी थी नियुक्ति
अखिलेश सरकार ने 2016 में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से चल रहे सौ से कम छात्र वाले विद्यालयों में भी 32,022 कार्यानुभव शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और खेलकूद अनुदेशकों भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक अनुदेशक को 11 महीने के मानदेय पर संविदा पर रखना था।