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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 500 करोड़ ऋण लेने को मंजूरी, कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
Wed, 13 May 2020 08:40 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 13 May 2020 08:40 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लेने का फैसला किया है। सरकार के कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
यूपीडा बैंक से ऋण लेगा और सरकार इसके लिए शासकीय गारंटी देगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने उद्योगों व फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के कदम उठाते हुए श्रम कानून के प्रस्तावित अध्यादेश में दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
कैबिनेट बाई सर्कुलेशन निर्णय के बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेज दिया गया है। केंद्र सरकार की सहमति के बाद यह अध्यादेश लागू हो सकेगा।
प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश में चुनिंदा श्रम कानूनों से अस्थायी छूट का अध्यादेश-2020 को पिछले दिनों मंजूरी दी थी। इसमें उद्योगों को तीन वर्ष के लिए तमाम तरह की छूट का प्रावधान किया गया था।
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यूपीडा बैंक से ऋण लेगा और सरकार इसके लिए शासकीय गारंटी देगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने उद्योगों व फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के कदम उठाते हुए श्रम कानून के प्रस्तावित अध्यादेश में दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
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कैबिनेट बाई सर्कुलेशन निर्णय के बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेज दिया गया है। केंद्र सरकार की सहमति के बाद यह अध्यादेश लागू हो सकेगा।
प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश में चुनिंदा श्रम कानूनों से अस्थायी छूट का अध्यादेश-2020 को पिछले दिनों मंजूरी दी थी। इसमें उद्योगों को तीन वर्ष के लिए तमाम तरह की छूट का प्रावधान किया गया था।
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लेकिन, इसकी व्याख्या अलग-अलग तरह से की जा रही थी और इसे श्रमिक विरोधी बताया जाने लगा था। सरकार ने इसके बाद इसमें दो महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए हैं। इसके मुताबिक श्रम कानूनों की छूट का लाभ नए उद्योगों की स्थापना व वर्तमान उद्योगों में नए कर्मचारियों की भर्ती पर ही होगा।
इसके अलावा प्रस्तावित अध्यादेश अधिसूचना जारी होने की तिथि से 1000 दिनों के लिए लागू होगा। इससे उद्योगों, कारखानों में कार्यरत मौजूदा श्रमिकों के हितों की रक्षा हो सकेगी।
इसके अलावा प्रस्तावित अध्यादेश अधिसूचना जारी होने की तिथि से 1000 दिनों के लिए लागू होगा। इससे उद्योगों, कारखानों में कार्यरत मौजूदा श्रमिकों के हितों की रक्षा हो सकेगी।