इन्वेस्टर्स समिट से पहले निवेशकों की समस्याओं का समाधान कराने में जुटे योगी, 31 को होगी बैठक
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन्वेस्टर्स समिट से पहले निवेशकों की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने निवेशकों के लंबित एमओयू और समस्याओं के संबंध में जानकारी तलब की है। वे लंबित निवेश प्रस्तावों व समस्याओं पर 31 जनवरी को समीक्षा बैठक भी करने जा रहे हैं। शासन स्तर पर बैठक की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सीएम के प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल ने इस संबंध में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) डॉ. अनूप चंद्र पांडेय को पत्र लिखा है। गोयल ने कहा है कि तमाम निवेशक सीएम से उद्योग लगाने के लिए और समस्याओं के संबंध में मुलाकात कर करते हैं। ऐसे प्रार्थना पत्रों को कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों को भेजा जाता है।
गोयल ने सीएम के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि 21 व 22 फरवरी को होने वाली इन्वेस्टर्स समिट में अगर ऐसे प्रकरण उद्यमियों व निवेशकों द्वारा सरकार के सामने उठाए जाएंगे तो इससे प्रदेश सरकार की छवि धूमिल होगी। साथ ही समिट का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो पाएगा। गोयल ने सभी निवेशकों के प्रकरण, जो विभागों में या समितियों के समक्ष लंबित हैं, उनका निस्तारण कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने ऐसे मामलों की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने 50 करोड़ या इससे अधिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों के लंबित मामलों की जानकारी के लिए एक प्रारूप भी आईआईडीसी को भेजा है। इससे आसानी से पता चल सकेगा कि किस कंपनी का मामला किस विभाग या एजेंसी के पास लंबित है। 30 जनवरी तक ये सूचनाएं मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई जानी है।
सीएम के विशेष सचिव ने भी मांगी जानकारी
इसके अलावा विशेष सचिव मुख्यमंत्री रिग्जियान सैंफिल ने भी निवेशकों के लंबित प्रस्तावों के संबंध में जानकारी मांगी है। सूचनाएं आने के बाद सीएम 31 जनवरी को अपराह्न एक से दो बजे के बीच एनेक्सी में बैठक करेंगे।
आईआईडीसी 30 को सूचनाओं की लेंगे जानकारी
आईआईडीसी ने प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री व विशेष सचिव मुख्यमंत्री के अलग-अलग पत्रों का हवाला देते हुए अपर मुख्य सचिव आईटी, प्रमुख सचिव ऊर्जा व अतिरिक्त ऊर्जा, अध्यक्ष एवं सीईओ नोएडा, सीईओ ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, एमडी यूपीएसआईडीसी, प्रमुख सचिव वित्त एवं नियोजन को यह पत्र भेजा है।
उन्होंने दोनों पत्रों से जुड़ी सूचनाओं के साथ इन अधिकारियों को 30 जनवरी को तलब किया है। वे मुख्यमंत्री की बैठक से पहले समीक्षा करेंगे।