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पीडब्ल्यूडी में बड़े पैमाने पर कार्टेल बनाकर छह हजार करोड़ के टेंडर हड़पे, हड़कंप मचा, होगी जांच

Wed, 07 Aug 2019 11:36 AM IST
ishwar ashish अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 07 Aug 2019 11:36 AM IST
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yogi adityanath orders investigation in PWD tender case.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में छह हजार करोड़ रुपये के कामों के लिए हुए ई-टेंडरों की जांच कराई जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए आदेश दे दिए हैं। बड़े पैमाने पर कार्टेल (ठेकेदारों का समूह) बनाकर ठेके हथियाने की जानकारी मिलने पर यह फैसला किया गया है। इसकी भनक लगते ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी में दो वर्षों में किए गए निर्माण कार्यों के लिए हुए ई-टेंडर के ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी के सचिव रंजन कुमार की ओर से जारी कार्यवृत्त में इसका प्रमुखता से जिक्र किया गया है। वर्ष 2017-18 और 2018-19 में पीडब्ल्यूडी ने ई-टेंडर के माध्यम से सड़क निर्माण के करीब छह हजार करोड़ रुपये के काम किए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, ऑडिट में यह देखा जाएगा कि ई-टेंडर लेने के लिए जोड़-तोड़ या हेरफेर तो नहीं की गई। ई-टेंडर स्वीकार करने के लिए अधिकृत अधिकारी ने अपने डिजिटल साइन करने में देरी तो नहीं की, जिसके चलते कोई ठेकेदार दौड़ से बाहर हो गया हो। बिना किसी वाजिब कारण के किसी ठेकेदार या फर्म को अयोग्य तो नहीं ठहरा दिया गया।
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शासन को शिकायत मिली है कि कई ठेकेदारों ने काम लिया, लेकिन बाद में उसे सबलेट (दूसरे लोगों को दे देना) कर दिया। काम हथियाने के लिए एक निश्चित सीमा से ज्यादा बिलो टेंडर डाले, जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित हुई। कुछ ठेकेदारों के ये भी आरोप रहे हैं कि इस तरह की अड़चनें पैदा कर दी गईं कि उनका टेंडर पास ही नहीं हो सका। इस तरह ई-टेंडर में भी ठेकेदारों या फर्मों की एंट्री को सीमित किया गया।

सिंगल टेंडर आने पर भी दिए गए ठेके उनकी भी की जाएगी जांच

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑडिट में इन सभी बिंदुओं की गहन जांच की जाएगी। जिन कार्यों के लिए सिंगल टेंडर आने पर भी ठेके दिए गए, उनकी भी जांच होगी ताकि पता किया जा सके कि ऐसा किसी दबाव के चलते तो नहीं हुआ। ई-टेंडर का प्रचार-प्रसार ठीक से किया गया या नहीं। यह भी जांच होगी कि सिंगल टेंडर स्वीकार करने से पहले निर्धारित नियम-कायदों का पालन हुआ या नहीं।

किसी कार्य के लिए पहली बार सिंगल टेंडर आने पर दुबारा टेंडर आमंत्रित किए जाने का नियम है। दुबारा भी सिंगल टेंडर आने पर पीडब्ल्यूडी के शिड्यूल रेट से कम रेट दिए जाने पर इसे स्वीकार किया जा सकता है, बशर्ते टेंडर फाइनल करने वाले अधिकारी ने अपने से एक स्तर ऊपर के अधिकारी से इसका अनुमोदन ले लिया हो।

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