बेईमान अफसरों को चिह्नित करें, चेताएं और न सुधरे तो घर बैठा दें : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन के अफसरों को दो टूक कहा है कि वे जनप्रतिनिधियों व आम लोगों से सलीके से पेश आएं और लापरवाह व बेईमान अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। ऐसे अफसरों को पहले चिह्नित करें, फिर चेताएं और सुधार न हो तो सेवा से निकालकर घर बैठा दें। डीएम व एसएसपी को प्रतिदिन साढ़े नौ से साढ़े दस बजे तक अपनी ऑफिस में बैठकर जनता की सुनवाई करनी होगी।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों से सीधे मुखातिब हुए और सरकार के कामकाज को लेकर स्पष्ट शब्दों में नसीहत दी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को ठीक से रेस्पॉन्स न देने की शिकायतों का जिक्र किया। बैठक में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से पूरी संजीदगी से मिलें और ढंग से बात करें। सही काम तत्काल होने चाहिए। यदि कोई गलत काम हो तो न करें, लेकिन कारण जरूर बता दें। मुख्यमंत्री की इस नसीहत को पिछले दिनों विधानसभा में सत्ताधारी दल के विधायकों द्वारा सरकारी अफसरों के रवैये पर रोष व्यक्त करने से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसी तरह मुख्यमंत्री ने जिलों के नोडल अधिकारी नियुक्त अफसरों से कहा कि वे जिलों में भ्रमण पर जाएं तो आम लोगों से जरूर मिलें। उनकी बात सुनें, फीडबैक लें। पूंछे, डीएम व एसएसपी अपने कार्यालयों में समय से लोगों की समस्या सुनने के लिए बैठ रहे हैं या नहीं। जिलों के भ्रमण पर जाएं तो लापरवाह व बेईमान अफसरों को चिह्नित करें। ऐसे लोगों को पहले चेतावनी दें और फिर भी न सुधरें तो घर बैठा दें।
यह भी देखें कि जिन अफसरों व कर्मियों को सीयूजी नंबर मिले हैं, वह उसे उठाते हैं या नहीं। सीएम ने कहा कि आईजीआरएस व सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही शिकायत के निस्तारण का आधार होना चाहिए। हर शिकायतकर्ता को न्याय मिलना चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
अनावश्यक छुट्टी, दिल्ली का टूर न बनाएं, समय से ऑफिस आएं
मुख्यमंत्री ने कई अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों के समय से ऑफिस न आने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय से ऑफिस न आने को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने शासन के वरिष्ठ अफसरों को अनावश्यक बार-बार छुट्टी पर न जाने व एक साथ कई अधिकारियों को छुट्टी पर न जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मीटिंग के बहाने दिल्ली जाने की प्रवृत्ति छोड़ दी जाए और केंद्र सरकार से संबंधित विशेष कार्यों को स्थानिक आयुक्त के स्तर से पैरवी कराएं।
सुशासन व विकास ही सरकार का एजेंडा
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि वर्तमान सरकार सुशासन और विकास के लिए कृत संकल्पित है। इसके लिए जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता पहुंचाया जाए। उन्होंने प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों में अवस्थापना व विकास संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने और सभी विभागों को रिक्तियों के सापेक्ष कर्मी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बजट खर्च करने को मार्च का न करें इंतजार
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा, सिंचाई, ऊर्जा, स्वास्थ्य, खाद्य एवं रसद, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, समाज कल्याण, पंचायती राज, राजस्व, माध्यमिक शिक्षा, बाल विकास पुष्टाहार, कृषि, महिला कल्याण, नगर विकास, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, औद्योगिक विकास व पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों को वित्तीय वर्ष 2019-20 में आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने, शासन तथा विभाग स्तर से जारी स्वीकृतियों की हर महीने समीक्षा करने और स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों की जगह समय से जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि को तेजी से लाने और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय से भेजने का निर्देश दिया।