मुख्यमंत्री योगी ने एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का किया लोकार्पण, जिलाधिकारियों को दिए निर्देश
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आपदा के समय कंट्रोल रूम राहत कार्यों की रीढ़ होता है। लिहाजा सभी जिलाधिकारी अपने जिले के कंट्रोल रूम में एक जिम्मेदार नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर 24 घंटे इसका संचालन कराएं। वहीं, जरूरतमंदों तक भोजन के पैकेट पहुंचाने में इसका उपयोग करें।
इसके जरिये लोगों को क्वारंटीन वार्ड, इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन, आइसोलेशन वार्ड और लेवल-1, 2 व 3 के कोविड अस्पतालों के बारे में बताएं। मुख्यमंत्री ने ये बातें सोमवार को एनेक्सी स्थित राहत आयुक्त कार्यालय में एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का लोकार्पण करने के अवसर पर कहीं।
मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड राहत पोर्टल व कोविड-19 मोबाइल एप और सिंगल लाइन से 12 लाइन विस्तारित क्षमता वाले टोल फ्री नंबर 1070 का शुभारंभ भी किया। कहा, इससे प्रदेश भर में राहत कार्यों में तेजी आएगी। नियंत्रण केंद्र से उन्होंने मेरठ में स्थापित सामुदायिक रसोईघर, आगरा व गोरखपुर में बने कंट्रोल रूम के कर्मचारियों और यूपी कोविड केयर फंड में 51 हजार रुपये देने वाले आशुतोष त्रिपाठी से संवाद किया।
सीएम ने बहुत कम समय में एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र बनाने और उसे प्रदेश के सभी जिलों से जोड़ने के लिए राजस्व विभाग की सराहना की। इस मौके पर मुख्य सचिव आरके तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व संजय प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अन्य सेवाओं व दूसरे राज्यों के कंट्रोल रूम से भी जुड़ेगा नियंत्रण केंद्र
अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बताया कि एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र विभिन्न विभागों के साथ जुड़कर कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की रोकथाम व राहत संबंधी सूचनाएं एकत्रित करेगा। इस केंद्र को अन्य राज्यों के कंट्रोल रूम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही इसे प्रदेश की अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे- 112, 1076, 1090, 108 और 102 से भी जोड़ा जाएगा।
टोल फ्री नंबर 1070 पर रविवार तक 1167 कॉल आई थीं। इनमें से 853 कॉल से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर की मदद से बनाए गए कोविड-19 एप के जरिये कोई भी लाभार्थी गूगल मैप का प्रयोग कर नजदीकी सामुदायिक रसोईघर व आश्रय स्थल तक पहुंच सकता है।
पांच अप्रैल तक विभिन्न जिलों में 1166 सामुदायिक रसोईघर व 2266 आश्रय स्थल स्थापित किए जा चुके हैं। सोमवार सुबह तक इनमें से 544 रसोईघरों और 602 आश्रय स्थलों को जियो टैंगिंग कर कोविड-19 एप पर अपलोड कर दिया गया है।