कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे प्रमुख सचिव तो सीएम ने सचिव को नाराजगी जताते हुए वापस लौटाया
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में विभागीय प्रस्ताव रखने के लिए प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण के स्वयं न आने और सचिव को भेजने पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने सचिव लोक निर्माण रंजन कुमार को कैबिनेट बैठक से वापस कर दिया। इससे विभाग का प्रस्ताव भी नहीं पेश किया जा सका।
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट के एजेंडे में पीडब्ल्यूडी का भी एक प्रस्ताव था। विभाग को गत वित्तीय वर्ष में एकमुश्त खर्च धन की जानकारी कैबिनेट के समक्ष रखनी थी। लेकिन इस प्रस्ताव को रखने प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन खुद नहीं पहुंचे।
उनकी जगह सचिव लोक निर्माण रंजन कुमार प्रस्ताव रखने के लिए उपस्थित हुए। विभागीय मंत्री व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी बाहर होने से बैठक में उपस्थित नहीं थे। सीएम ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण के खुद न आने और सचिव को भेजने पर कड़ी नाराजगी जताई।
आगे के लिए जारी किए निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आरके तिवारी को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि भविष्य में कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए अपर मुख्य सचिव (एसीएस) या प्रमुख सचिव ही उपस्थित हों। अपरिहार्य स्थितियों में अगर वे उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो उन्हें इसकी पूर्व अनुमति लेनी होगी।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्य सचिव ने इस घटनाक्रम का बिना उल्लेख किए शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों व सचिवों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। इस संबंध में प्रमुख सचिव लोक निर्माण का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।