योगेंद्र ने 'सौम्य तरीके' से बोले तीखे हमले
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पार्टी के प्रमुख पदों से हटाए जाने के बाद योगेंद्र यादव अपनी बात आम आदर्मी पार्टी के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग शहरों का भ्रमण कर रहे हैं। वह अलग-अलग राज्यों के कार्यकर्ताओं को स्वराज संवाद नाम के कार्यक्रम में एकत्रित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में गुरुवार को योगेंद्र यादव लखनऊ पहुंचे। लखनऊ में उन्होंने आम आदमी पार्टी में हाल ही में हुई घटनाओं पर अपना पक्ष रखा।
योगेंद्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी बाकी दूसरी पार्टियों से अलग इसी वजह से थी कि वहां पार्टी में हाईकमान कल्चर नहीं था। हर फैसले में छोटे-छोटे कार्यकर्ता की सहमति शामिल करने की कोशिश होती थी। लेकिन इस बीच जो कुछ हुआ वह पार्टी की इस इमेज को नुकसान पहुंचाने वाला साबित हुआ।
पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद योगेंद्र यादव ने अरविंद केजरीवाल, उनकी नई योजनाओं और इस डैमेज कंट्रोल पर पत्रकारों से खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवल से उनकी कोई निजी दुश्मनी नहीं थी।
निकाले गए लोगों के साथ बैठे योगेंद्र यादव
योगेंद्र यादव की इस बैठक में ज्यादातर सदस्य वह थे जो हाल ही पार्टी से निकाल दिए गए। आम आदमी पार्टी में रुहेलखंड क्षेत्र के जोनल क्वॉर्डिनेटर विशाल वर्मा के साथ लखनऊ शहर के संयोजक अनमोल सहित कई ऐसे कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में थे जो हाल ही हुए विवाद के बाद पार्टी से निकाल दिए गए।
पार्टी कार्यकर्ताओं के निकाले जाने पर भी योंगेंद्र ने तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में किसी भी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता को इस तरह से बाहर नहीं किया गया जिस तरह से आम आदर्मी पार्टी के कार्यकर्ता के साथ हुआ है।
14 अप्रैल को जो संवाद स्वराज कार्यक्रम हरियाणा के गुड़गांव में होने जा रहा है उस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अब तक लगभग 3600 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया है। यूपी के करीब 661 लोग इस कार्यक्रम में आने की अपनी इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
घोड़े पर लगाम जरूरी
आम आदमी पार्टी एक आदमी के इर्द-गिर्द घूम रही है। बाकी पार्टियों की तरह यहां भी हाईकमान कल्चर विकसित होने की कोशिश की जा रही है। योगेंद्र यादव की इन बातों के बीच जब उनसे पूछा गया कि क्या गारंटी है कि भविष्य में इसी तरह की कोई राजनीतिक पार्टी बने तो वह भी आदमी पार्टी की तरह व्यक्तिवादी पार्टी न हो जाए।
इस प्रश्न के जवाब में केजरीवाल ने पार्टियों की तुलना घोड़े से और पार्टी संविधान की तुलना लगाम से की। योगेंद्र ने कहा कि पार्टी के निरंकुश होने का दोष पार्टी को नहीं दिया जा सकता। पार्टी को अनुशासन में रखने वाला संविधान इतना तगड़ा होना चाहिए कि वह पार्टी को उसी रास्ते पर ले जा सके जिस सोच की वजह से पार्टी का गठन हुआ हो।
योगेंद्र यादव ने कहा कि आम आदर्मी पार्टी चौराहे पर खड़ी है। आम यह देखना होगा कि क्या लोगों को वैसी ही वैकल्पिक राजनीति मिलती है जिसके लिए उन्होंनें आम आदमी पार्टी को इतना बड़ा बहुमत दिया था।