वीआईपी लोगों के लिए हमेशा जलती रहती है पीली बत्ती
राजधानी में खास लोगों को रास्ता देने के लिए ट्रैफिक सिग्नल का मनमाना इस्तेमाल हो रहा है। शहर के 25 ऐसे चौराहे हैं जहां लाल और हरा ट्रैफिक सिग्नल चालू करने के बजाय इसे ‘यलो’ ही छोड़ा जा रहा है।
सोमवार को ट्रैफिक सिग्नलों के संचालन को लेकर बुलाई गई समीक्षा में बैठक में यह बात सामने आई। समीक्षा बैठक में शिकायत मिलने के बाद नगर आयुक्त उदयराज सिंह और अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज ने हजरतगंज चौराहा, डीएम आवास और परिवर्तन चौक पर येलो सिग्नल सही कराया।
नगर आयुक्त के वहां से जाने के आधा घंटा बाद सिग्नल को फिर पीला कर दिया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि यह खुद मेरे लिए चौंकाने वाला था।
अब ट्रैफिक सिग्नल को लेकर होगी सख्ती
अब इससे निपटने के लिए मंगलवार को फिर से बैठक बुलाई गई है। सोमवार को एसपी ट्रैफिक बैठक में शामिल नहीं हो सके। अब उन्हें मंगलवार को इस समस्या से रूबरू करा हल निकाला जाएगा।
अमौसी से चारबाग के बीच मेट्रो निर्माण ने भी ट्रैफिक सिग्नल को बंद करा दिया है। नगर निगम ने ऐसे पांच ट्रैफि क सिग्नल चिह्नित कर निर्माण के बाद यहां सिग्नल फिर से दुरुस्त किए जाएंगे। इस बीच अस्थाई व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक पुलिस से बात होगी।
अपनी सुविधा से असल में पूरी ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था को बर्बाद रखा गया है। इससे सख्ती से निबटा जाएगा। निजी कंपनियों के साथ ट्रैफिक पुलिस की भी मदद ली जाएगी। अगर सिग्नल व्यवस्था लागू होगी तो लोग भी इसका पालन करेंगे। इससे ट्रैफिक सुगम होगा।