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अलविदा 2023: राजभर से दूर रही राजसत्ता... पिटे मोहरे साबित हुए दारा; बृजभूषण समेत ये मामले रहे सुर्खियों में

Thu, 28 Dec 2023 11:06 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 28 Dec 2023 11:06 AM IST
सार

साल 2023 कई मामलों में सुर्खियों में रहा। ओम प्रकाश राजभर ने इस साल जुलाई में दोबारा एनडीए में वापसी करके सियासी सुर्खियां बटोरीं। नोएडा में जन्मे और लंदन में पढ़ाई करने वाले बसपा अध्यक्ष मायावती के भतीजे आकाश आनंद के लिए वर्ष 2023 मुफीद साबित हुआ। उनको मायावती ने अपना उत्तराधिकारी बनाकर सियासी हलकों में बड़ा संदेश दिया।

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Year Ender 2023 Top Major Incidents This Year Dara Singh Chauhan Om Prakash Rajbhar Brij Bhushan Singh
Year Ender 2023 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शासन और सत्ता के लिहाज से 2023 कई मामलों में सुर्खियों में रहा। सत्ता के गलियारों से लेकर राजनीतिक हल्कों में चर्चित रहा। पाला बदलने और बयानबाजी में माहिर एक दूसरे के साथ शह मात का खेल करते रहे तो विपक्ष से सत्तापक्ष में शामिल हुए नेता मंत्री बनने के बढ़चढ़ कर दावे करते रहे, लेकिन उनका हर दावा फुस्स होता रहा। 
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राजभर से दूर रही राजसत्ता
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इस साल जुलाई में दोबारा एनडीए में वापसी करके सियासी सुर्खियां बटोरीं। प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने के मुहूर्त बताते रहे, लेकिन अरमान पूरे न हो सके। सु
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पिटे मोहरे साबित हुए दारा
पूर्वांचल के नोनिया चौहान समाज को साधने के लिए भाजपा नेतृत्व ने इस वर्ष सपा विधायक दारा सिंह चौहान को बड़े गाजे बाजे के साथ पार्टी में शामिल कराया। घोसी उपचुनाव में मैदान में उतारा। सरकार और संगठन की पूरी शक्ति के बाद भी दारा सिंह का दांव उलटा पड़ गया। ओमप्रकाश राजभर ने उनके मंत्री बनने का भी जोर शोर से प्रचार किया लेकिन बेचारे का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा।
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बहनजी ने आकाश को बनाया उत्तराधिकारी
नोएडा में जन्मे और लंदन में पढ़ाई करने वाले बसपा अध्यक्ष मायावती के भतीजे आकाश आनंद के लिए वर्ष 2023 मुफीद साबित हुआ। उनको मायावती ने अपना उत्तराधिकारी बनाकर सियासी हलकों में बड़ा संदेश दिया। बसपा की सोशल मीडिया पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराने का श्रेय भी उनको ही जाता है।
 

अभिषेक का अफसरी से तौबा

अपने बिंदास अंदाज के कारण सुर्खियों में रहने वाले आईएएस अभिषेक सिंह ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया। चर्चा है कि अभिषेक सिंह अब फिल्मों के साथ राजनीति में किस्मत आजमाएंगे।

दांवपेंच में उलझे बृजभूषण

कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह बयानबाजी के लिए चर्चा में रहे। सरकार अमले का कामकाज हो या कुश्ती संघ की राजनीति, हर जगह उन्होंने सुर्खियां बटोरीं। महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के कारण भी चर्चा में रहे। हाल ही में कुश्ती संघ के चुनाव में उनके करीबी की जीत के बाद उनके समर्थकों ने नारा दिया दबदबा तो है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कुश्ती संघ को ही निलंबित कर दबदबे को चित कर दिया।

बयानवीर स्वामी

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य हिंदू धर्म, देवी-देवताओं, राम चरित मानस पर टिप्पणियों के जरिए सुर्खियों में रहे। उनके बेतुके बयानों से उनके दल सपा ने भी पल्ला झाड़ लिया लेकिन टस से मस नहीं हुए। कई जगह उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हैं।

2023 में यह कार्य नहीं हो सके

योगी मंत्रिमंडल का विस्तार।
उत्तर प्रदेश में नियमित पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन 2023 का पहला भूमि पूजन।
ओबीसी आयोग, एससी आयोग, महिला आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति।

इन्होंने लगाया दाग

सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को 15 साल पुराने एक मामले में दो वर्ष दो साल की सजा होने पर उनकी सदस्यता रद्द की गई।
आपराधिक मामले में सजा होने पर सोनभद्र की दुद्धी सीट से भाजपा विधायक रामदुलार गोंड की सदस्यता समाप्त हुई। 
 

नए साल में यहां होगी जोर आजमाइश

जनवरी: फरवरी में विधान परिषद में स्नातक एवं शिक्षक क्षेत्र की पांच सीटों पर चुनाव होना है। मार्च: राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। अप्रैल-मई: विधान परिषद की 13 सीटों पर चुनाव होना है। मार्च मई के बीच उत्तर प्रदेश लोकसभा की 80 लाटों पर आम चुनाव होना है।
 

ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को सुलझाने में सफल रही सरकार

नगरीय निकाय चुनाव में पिछड़े वर्ग के आरक्षण के मुद्दे पर उच्च न्यायालय से पेंच फंसा। सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आयोग का गठन कर पिछड़े वर्ग के आरक्षण से कोई छेड़छाड़ किए बिना नगरीय निकाय चुनाव कराने में सफलता हासिल की।
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