सफाईकर्मियों के पद बताने में किया खेल
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शासन के आदेश का विभागीय अधिकारी कितना पालन करते हैं इसकी एक बानगी यह भी देखिए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुछ माह पहले निकायों में 40,000 संविदा सफाई कर्मियों की भर्ती की घोषणा की है।
इसके आधार पर भर्तियां करने से पहले निकायों से सफाई कर्मियों के स्वीकृत पद के अनुसार भरे जा चुके पदों व रिक्तियों का ब्यौरा मांगा गया था।
पर निकाय अधिकारियों ने सूचना भेजने में जो मनमानी की वह काफी चौंकाने वाली है। किसी निकाय ने स्वीकृत पद से अधिक तो किसी ने कम संख्या बता दी है।
निकायों में सफाई कर्मियों के पदों का निर्धारण शासन स्तर से किया जाता है।
निकाय निदेशक ने मामले पर गंभीर
पहले तो ब्यौरा देने में आनाकानी होती रही, लेकिन जब काफी दबाव बनाया गया तो मनमाने तरीके से सूचना भेज दी गई है।
स्थानीय निकाय निदेशक पीके सिंह ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने निकाय अधिकारियों से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
साथ ही इस बार निर्धारित प्रोफार्मा पर सूचना मांगी गई है। उनसे कहा गया है कि यदि समय से सूचना नहीं दी गई तो
यह माना जाएगा कि उनके यहां भर्ती की जरूरत नहीं है। केवल इलाहाबाद, लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर और झांसी नगर निगम ने सही सूचनाएं दी हैं।
मुरादाबाद में 1218 स्वीकृत हैं जबकि सूचना में 1923 बताए गए। इसी तरह गाजियाबाद में 3509 के 1069, सहारनपुर में 1124 के 944, बरेली में 2507 के 1421, आगरा में 3930 के 3040, अलीगढ़ 2097 के 0, कानपुर में 10354 के 8105, वाराणसी में 2320 के 3616 पद बताए गए।