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कांग्रेस में प्रवक्ता बनाने के लिए हुई लिखित परीक्षा, पेपर लीक की वजह से हो सकती है रद्द
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:54 AM IST
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प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए पीएम मोदी, सीएम योगी और उनके कामों के बारे में जानकारी जरूरी है। प्रवक्ता और टीवी में बहस के लिए पैनलिस्ट के दावेदारों की बृहस्पतिवार को बाकायदा लिखित परीक्षा हुई और साक्षात्कार किया गया।
इसमें अन्य सवालों के साथ-साथ पीएम मोदी व सीएम योगी से भी जुड़े सवाल थे। यानी अगर पीएम व सीएम और उनके कामों के बारे में नहीं जानते तो प्रवक्ता नहीं बन सकते। लिखित परीक्षा के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रदेश प्रवक्ता की दौड़ में शामिल कांग्रेसियों का इंटरव्यू लिया। मीडिया विभाग के पुराने नेताओं समेत कुल 70 कांग्रेसियों ने परीक्षा और इंटरव्यू दिया है। अगले सप्ताह तक इसके नतीजे घोषित किए जा सकते हैं।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस के कील-कांटे दुरुस्त करने की कवायद शुरू की गई है। मीडिया विभाग में अब सिफारिश से पद नहीं मिलेंगे बल्कि सामान्य ज्ञान, सरकार और पार्टी के बारे में पर्याप्त जानकारी रखने वालों को ही प्रवक्ता व पैनलिस्ट बनाया जाएगा।
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इसमें अन्य सवालों के साथ-साथ पीएम मोदी व सीएम योगी से भी जुड़े सवाल थे। यानी अगर पीएम व सीएम और उनके कामों के बारे में नहीं जानते तो प्रवक्ता नहीं बन सकते। लिखित परीक्षा के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रदेश प्रवक्ता की दौड़ में शामिल कांग्रेसियों का इंटरव्यू लिया। मीडिया विभाग के पुराने नेताओं समेत कुल 70 कांग्रेसियों ने परीक्षा और इंटरव्यू दिया है। अगले सप्ताह तक इसके नतीजे घोषित किए जा सकते हैं।
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लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस के कील-कांटे दुरुस्त करने की कवायद शुरू की गई है। मीडिया विभाग में अब सिफारिश से पद नहीं मिलेंगे बल्कि सामान्य ज्ञान, सरकार और पार्टी के बारे में पर्याप्त जानकारी रखने वालों को ही प्रवक्ता व पैनलिस्ट बनाया जाएगा।
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कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका ने लिया इंटरव्यू
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए लिखित परीक्षा व इंटरव्यू हुए। परीक्षा व इंटरव्यू पास करने वाले ही मीडिया टीम में शामिल होंगे। प्रदेश में यह प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। दिल्ली से आईं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी व रोहन गुप्ता ने परीक्षा व इंटरव्यू किए।
परीक्षा के लिए दिए गए प्रश्नपत्र में 14 सवाल थे। समय की कोई बंदिश भी नहीं थी। परीक्षा में बैठे मीडिया विभाग के कई पुराने धुरंधर आपस में बातचीत करके जवाब देने में जुटे थे। ये भी कह सकते हैं कि परीक्षा में नकल की पूरी छूट थी। जिन्हें कक्ष निरीक्षक बनाया गया था वे भी आंखें मूंदे थे।
परीक्षा के लिए दिए गए प्रश्नपत्र में 14 सवाल थे। समय की कोई बंदिश भी नहीं थी। परीक्षा में बैठे मीडिया विभाग के कई पुराने धुरंधर आपस में बातचीत करके जवाब देने में जुटे थे। ये भी कह सकते हैं कि परीक्षा में नकल की पूरी छूट थी। जिन्हें कक्ष निरीक्षक बनाया गया था वे भी आंखें मूंदे थे।
लिखित परीक्षा में पूछे गए सवाल
1- उत्तर प्रदेश में कितने मंडल, जिले एवं और ब्लॉक हैं?
2- उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कितनी आरक्षित सीटें हैं?
3- 2004 एवं 2009 में कांग्रेस कितनी सीटों पर जीती थी?
4- लोकसभा 2014 एवं 2017 विधानसभा में कांग्रेस को कितने प्रतिशत मत मिले हैं?
5- उत्तर प्रदेश में कितनी लोकसभा सीटें और विधानसभा सीटें हैं?
6- उत्तर प्रदेश में एक लोकसभा सीट में कितनी विधानसभा सीटें आती हैं?
7- किन लोकसभा सीटों पर मानक से कम या ज्यादा सीटें हैं?
8- प्रवक्ता का कार्य क्या होता है?
9- आप प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं?
10- मोदी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या हैं?
11- योगी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या हैं?
12- मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियां क्या-क्या थीं?
13-आज समाचार पत्र में तीन प्रमुख खबरें क्या हैं? जिन पर कांग्रेस प्रवक्ता बयान जारी कर सकें।
14- प्रमुख हिंदी,अंग्रेजी एवं उर्दू अखबार तथा चैनलों के नाम?
2- उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कितनी आरक्षित सीटें हैं?
3- 2004 एवं 2009 में कांग्रेस कितनी सीटों पर जीती थी?
4- लोकसभा 2014 एवं 2017 विधानसभा में कांग्रेस को कितने प्रतिशत मत मिले हैं?
5- उत्तर प्रदेश में कितनी लोकसभा सीटें और विधानसभा सीटें हैं?
6- उत्तर प्रदेश में एक लोकसभा सीट में कितनी विधानसभा सीटें आती हैं?
7- किन लोकसभा सीटों पर मानक से कम या ज्यादा सीटें हैं?
8- प्रवक्ता का कार्य क्या होता है?
9- आप प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं?
10- मोदी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या हैं?
11- योगी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या हैं?
12- मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियां क्या-क्या थीं?
13-आज समाचार पत्र में तीन प्रमुख खबरें क्या हैं? जिन पर कांग्रेस प्रवक्ता बयान जारी कर सकें।
14- प्रमुख हिंदी,अंग्रेजी एवं उर्दू अखबार तथा चैनलों के नाम?
इंटरव्यू में परखी गई क्षमता
लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू में दावेदारों की क्षमता परखी गई। इंटरव्यू में प्रियंका चतुर्वेदी, रोहन गुप्ता के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी शामिल थे। दावेदारों से सामान्य ज्ञान, प्रदेश की राजनीति व सरकार से जुड़े सवाल पूछे गए।
यह भी पूछा गया कि प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं? दावेदारों से उनकी शैक्षिक योग्यता के अलावा भाषा ज्ञान और उनके व्यवसाय के बारे में जानकारी ली गई। इंटरव्यू लेने वाले पैनल ने दावेदारों की मीडिया के तीखे सवालों और आरोपों का त्वरित जवाब की क्षमता को आंका।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पद के लिए गुरुवार को आयोजित परीक्षा के कुछ प्रश्नों के जवाब से प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी अनजान नजर आए। शुक्रवार को प्रोजेक्ट शक्ति लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रश्नपत्र के कई जवाब हमें भी नहीं पता हैं। वहीं, परीक्षा की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को भी 200 आवेदन प्रदेश कार्यालय पर आए हैं। आवेदनकर्ताओं ने दुबारा परीक्षा आयोजित करने की संभावना जताई है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रवक्ता पद पर नियुक्ति के लिए गुरुवार को 14 प्रश्नों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा की योजना पूरी तरह से गुप्त रखी गई थी, फिर भी कुछ लोगों को इन सवालों की भनक पहले ही लग गई थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस परीक्षा को निरस्त कर दोबारा परीक्षा आयोजित कर सकता है। गुरुवार को आया प्रश्नपत्र भी दिल्ली से ही आया था। इसके लिए विशेष तौर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी और नेशनल मीडिया को-ऑर्डिनेटर रोहन गुप्ता लखनऊ आए थे।
यह भी पूछा गया कि प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं? दावेदारों से उनकी शैक्षिक योग्यता के अलावा भाषा ज्ञान और उनके व्यवसाय के बारे में जानकारी ली गई। इंटरव्यू लेने वाले पैनल ने दावेदारों की मीडिया के तीखे सवालों और आरोपों का त्वरित जवाब की क्षमता को आंका।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पद के लिए गुरुवार को आयोजित परीक्षा के कुछ प्रश्नों के जवाब से प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी अनजान नजर आए। शुक्रवार को प्रोजेक्ट शक्ति लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रश्नपत्र के कई जवाब हमें भी नहीं पता हैं। वहीं, परीक्षा की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को भी 200 आवेदन प्रदेश कार्यालय पर आए हैं। आवेदनकर्ताओं ने दुबारा परीक्षा आयोजित करने की संभावना जताई है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रवक्ता पद पर नियुक्ति के लिए गुरुवार को 14 प्रश्नों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा की योजना पूरी तरह से गुप्त रखी गई थी, फिर भी कुछ लोगों को इन सवालों की भनक पहले ही लग गई थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस परीक्षा को निरस्त कर दोबारा परीक्षा आयोजित कर सकता है। गुरुवार को आया प्रश्नपत्र भी दिल्ली से ही आया था। इसके लिए विशेष तौर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी और नेशनल मीडिया को-ऑर्डिनेटर रोहन गुप्ता लखनऊ आए थे।