641 पदों के लिए आयोजित UPSSSC की लिखित परीक्षा में 55 फीसदी अभ्यर्थी रहे गैरहाजिर
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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा सामान्य चयन प्रतियोगिता की लिखित परीक्षा में रविवार को 55 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
राजधानी के तीन अलग-अलग कॉलेजों में एक-एक अभ्यर्थी ओएमआर शीट की अपनी प्रति के साथ ट्रेजरी में सीलकर रखी जाने वाली प्रति भी लेकर चले गए। उनके खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने सपा शासनकाल में सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा सामान्य चयन प्रतियोगिता के जरिये 641 पदों के लिए आमंत्रित आवेदन से जुड़े 66,726 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा कराई। कानपुर और लखनऊ में 149 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई। इसमें 30,145 अभ्यर्थी उपस्थित हुए।
जानकार बताते हैं कि परीक्षा में बायोमीट्रिक हाजिरी, आवेदन के लंबे समय बाद परीक्षा और आयोग की सख्त कार्यशैली जैसे कारणों से लगभग 45 फीसदी अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए।
आयोग ने इस बार ओएमआर शीट दो की जगह तीन प्रति में तैयार कराई थी। एक प्रति आयोग, दूसरी ट्रेजरी और तीसरी अभ्यर्थी को मिलनी थी। लखनऊ के न्यू अवध पब्लिक हाईस्कूल आलमनगर, श्री वर्धमान इंटर कॉलेज इंदिरानगर और डॉ. वीरेंद्र प्रताप इंटर कॉलेज कुर्सी रोड से एक-एक अभ्यर्थी ओएमआर की एक-एक प्रति के साथ ट्रेजरी की प्रति भी लेकर चले गए।
कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश
आयोग के चेयरमैन सीबी पालीवाल ने बताया कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी थी कि वे आयोग के साथ ट्रेजरी की प्रति प्राप्त करने के बाद ही अभ्यर्थियों को जाने दें।
पालीवाल ने बताया कि यदि अभ्यर्थी गलती से ट्रेजरी की प्रति ले गए हैं और प्रति वापस करने के साथ लिखित गलती स्वीकार करते हैं तो उनके प्रति नरमी बरती जा सकती है। वरना, तीनों को भविष्य में आयोग की भर्ती प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया जाएगा।