{"_id":"5f7b604838158619302b41ba","slug":"work-boycott-of-electricity-workers-continues-talks-fail","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बिजली कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी, वार्ता विफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी, वार्ता विफल
Mon, 05 Oct 2020 11:34 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 05 Oct 2020 11:34 PM IST
विज्ञापन
Electricity
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार आंदोलन समाप्त होते-होते रह गया। सोमवार देर शाम ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ.प्र. के पदाधिकारियों की लंबी वार्ता में फिलहाल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण न किए जाने पर सहमति तो बन गई लेकिन पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन ने समझौते पर यह कहते हुए दस्तखत करने से इन्कार कर दिया कि दो-तीन दिन का समय चाहिए। इनसे नाराज बिजली कर्मचारी नेताओं ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर अनावश्यक टकराव पैदा करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। बिजलीकर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण राजधानी समेत प्रदेश में कई क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हुई है। राजस्व वसूली पर भी प्रभाव पड़ा है। पूर्वांचल में कार्य बहिष्कार का व्यापक असर रहा।
दिन पर चली वार्ताओं के बेनतीजा रहने के बाद देर शाम ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मोर्चा संभाला। देर रात तक चली वार्ता में ऊर्जा मंत्री की ओर से संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया गया कि फिलहाल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण नहीं होगा और मौजूदा व्यवस्था में ही सुधार के लिए कर्मियों को विश्वास में लेकर कार्रवाई की जाएगी। वार्ता के बाद लिखित समझौते का मसौदा तैयार कराया जाने लगा। इस बीच ऊर्जा मंत्री शक्ति भवन से चले गए। कई कर्मचारी नेताओं ने समझौते पर दस्तखत कर दिए। संघर्ष समिति के संयोजक व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार का दस्तखत होना बाकी था। अरविंद कुमार ने यह कहते हुए समझौते पर दस्तखत करने से इन्कार कर दिया कि दो-तीन दिन का समय चाहिए। इससे वार्ता के लिए आए कर्मचारी नेता भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष के दस्तखत करने से मना कर देने पर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखने का एलान किया।
वार्ता जारी : अरविंद कुमार
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है कि बिजली कर्मचारी नेताओं के साथ सोमवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। संघर्ष समिति की मांगों पर विचार करने के लिए दो-तीन का समय मांगा है। वार्ता आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था समान्य बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिन पर चली वार्ताओं के बेनतीजा रहने के बाद देर शाम ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मोर्चा संभाला। देर रात तक चली वार्ता में ऊर्जा मंत्री की ओर से संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया गया कि फिलहाल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण नहीं होगा और मौजूदा व्यवस्था में ही सुधार के लिए कर्मियों को विश्वास में लेकर कार्रवाई की जाएगी। वार्ता के बाद लिखित समझौते का मसौदा तैयार कराया जाने लगा। इस बीच ऊर्जा मंत्री शक्ति भवन से चले गए। कई कर्मचारी नेताओं ने समझौते पर दस्तखत कर दिए। संघर्ष समिति के संयोजक व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार का दस्तखत होना बाकी था। अरविंद कुमार ने यह कहते हुए समझौते पर दस्तखत करने से इन्कार कर दिया कि दो-तीन दिन का समय चाहिए। इससे वार्ता के लिए आए कर्मचारी नेता भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष के दस्तखत करने से मना कर देने पर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखने का एलान किया।
विज्ञापन
वार्ता जारी : अरविंद कुमार
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है कि बिजली कर्मचारी नेताओं के साथ सोमवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। संघर्ष समिति की मांगों पर विचार करने के लिए दो-तीन का समय मांगा है। वार्ता आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था समान्य बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बिजली आपूर्ति और राजस्व वसूली पर असर
बिजलीकर्मियों व अभियंताओं के कार्य बहिष्कार का बिजली आपूर्ति व राजस्व वसूली पर खासा असर पड़ा है। हालांकि सरकार की ओर से आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम का दावा किया जा रहा है लेकिन राजधानी समेत पूरे प्रदेश में फाल्ट आदि ठीक कराने का काम प्रभावित हुआ है। राजधानी के वीवीआईपी इलाकों में भी दिन में कई घंटे आपूर्ति बंद रही। पूर्वांचल के जिलों खासकर वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, भदोही, संतकबीरनगर आदि में आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की सूचना है। बिजली कर्मियों के कामकाज ठप रखने की वजह से राजस्व वसूली पर भी असर पड़ा है।
निजीकरण के विरोध में निकाला कैंडल मार्च
लखनऊ। उप्र विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन ने भ्रष्टाचार व निजीकरण के विरोध में सोमवार को शक्ति भवन से गांधी प्रतिमा जीपीओ तक कैंडल मार्च निकाला। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अवस्थी बब्बू के नेतृत्व में कर्मचारी नारे लगाते हुए शक्ति भवन से जीपीओ की तरफ कूच करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच धक्कामुक्की व झड़प भी हुई।
पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन का आंदोलन जारी
लखनऊ। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में पावर आफिसर्स एसोसिएशन का आंदोलन जारी है। एसोशिएशन ने बिना निजीकरण के बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार की कार्ययोजना पर विभिन्न राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा है। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधमंडल ने सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव व लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे से भी मुलाकात कर निजीकरण रुकवाने के लिए सहयोग मांगा तथा उन्हें ज्ञापन सौंपा।
निजीकरण के विरोध में निकाला कैंडल मार्च
लखनऊ। उप्र विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन ने भ्रष्टाचार व निजीकरण के विरोध में सोमवार को शक्ति भवन से गांधी प्रतिमा जीपीओ तक कैंडल मार्च निकाला। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अवस्थी बब्बू के नेतृत्व में कर्मचारी नारे लगाते हुए शक्ति भवन से जीपीओ की तरफ कूच करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच धक्कामुक्की व झड़प भी हुई।
पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन का आंदोलन जारी
लखनऊ। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में पावर आफिसर्स एसोसिएशन का आंदोलन जारी है। एसोशिएशन ने बिना निजीकरण के बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार की कार्ययोजना पर विभिन्न राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा है। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधमंडल ने सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव व लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे से भी मुलाकात कर निजीकरण रुकवाने के लिए सहयोग मांगा तथा उन्हें ज्ञापन सौंपा।