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कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण को लेकर महिलाओं में अभी संशय
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कोरोना के खौफ के चलते गर्भवतियां टीकाकरण से हिचक रही हैं। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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राजधानी के क्वीन मेरी और डफरिन अस्पताल में आने वाली गर्भवतियों में से 90 फीसदी तक टीकाकरण कराने में हिचक रही हैं।
उनके मन में डर है कि कहीं उनके गर्भस्थ की जान पर न बन आए। उनका कहना है कि अगर जिम्मेदार उनके बच्चे की सुरक्षा की गारंटी लेें तो हम टीका लगवा लेंगे।
इसे लेकर चिकित्सकों का कहना है कि यह हिचक अब चिंता का विषय भी है, क्योंकि कोरोना फिर से पांव पसार रहा है।
हालांकि, अस्पताल व चिकित्सकों ने काउंसिलिंग सेशन की संख्या भी बढ़ा दी है। काउंसिलिंग के बाद भी 20 फीसदी गर्भवती ऐसी हैं, जो दूसरी विजिट में भी बिना टीका लगवाए पहुंच रहीं हैं।
बहुत मुश्किल से गर्भधारण हुआ, कोई जोखिम नहीं लेना
वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन अस्पताल) में मंगलवार को एक गर्भवती बिना टीका लगवाए पहुंची। जब वैक्सीन लगवाकर आने को कहा गया तो उसने जवाब दिया कि तीन बार गर्भपात हो चुका है। चौथी बार बहुत मुश्किल से गर्भ ठहरा है, यदि आप मेरे बच्चे की सुरक्षा की गारंटी दें, तो मैं कोरोना का टीका लगवा लूंगी।
पहले जहां दिखाया, वहीं टीका लगाने से मना किया
केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल में दिखाने आने वाली गर्भवती ने न तो टीका लगवाया था, न लगवाने को तैयार थी। डॉक्टर ने जब उससे कारण पूछा तो उसने कहा कि पहले जहां दिखाया था, वहीं के स्टाफ ने टीका लगाने से मना किया।
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जरूर लगवाएं टीका, संक्रमण से बचाएगा
केजीएमयू में गर्भवतियों के लिए बनाए गए कोविड विंग की नोडल अधिकारी प्रो. निशा सिंह का कहना है कि क्वीन मेरी में रोज 100 के करीब गर्भवती पहुंचती हैं। इनमें 50 फीसदी में टीकाकरण को लेकर हिचक देखी जा रही है। प्रो. निशा कहती हैं कि हाल ही में तीन गर्भवती कोविड पॉजिटिव होकर भर्ती हुई हैं। कोरोना फैल रहा है, ऐसे में बार-बार दिखाने के लिए अस्पताल आना पड़ता है। जरूरी है कि गर्भवती टीका लगवा लें। यह संक्रमण से बचाएगा।
डफरिन में 90 फीसदी गर्भवती नहीं करा रहीं टीकाकरण
डफरिन अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीमा श्रीवास्तव कहती हैं कि हमारे यहां हर दिन 250-300 की ओपीडी होती है। हमने अलग से काउंसलर बैठाए हैं, एक कर्मचारी माइक लेकर लगातार आगाह करता रहता है। तब जाकर आने टीकाकरण वाली गर्भवती का प्रतिशत 10 तक पहुंचा है। 90 फीसदी अभी भी इससे दूर हैं।
भ्रम न पालें, जच्चा-बच्चा दोनों के लिए सुरक्षा कवच
जच्चा-बच्चा दोनों के लिए यह सुरक्षित है। आईसीएमआर की गाइड लाइन के मुताबिक भी गर्भवती को टीका लगाया जा सकता है, इसलिए भ्रम न पालें। कोविड टीका सुरक्षा कवच का काम करेगा।
- डॉ. प्रफुल्ल भारद्वाज, हेल्थ ऑफिसर, यूनिसेफ, यूपी
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उनके मन में डर है कि कहीं उनके गर्भस्थ की जान पर न बन आए। उनका कहना है कि अगर जिम्मेदार उनके बच्चे की सुरक्षा की गारंटी लेें तो हम टीका लगवा लेंगे।
इसे लेकर चिकित्सकों का कहना है कि यह हिचक अब चिंता का विषय भी है, क्योंकि कोरोना फिर से पांव पसार रहा है।
हालांकि, अस्पताल व चिकित्सकों ने काउंसिलिंग सेशन की संख्या भी बढ़ा दी है। काउंसिलिंग के बाद भी 20 फीसदी गर्भवती ऐसी हैं, जो दूसरी विजिट में भी बिना टीका लगवाए पहुंच रहीं हैं।
बहुत मुश्किल से गर्भधारण हुआ, कोई जोखिम नहीं लेना
वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन अस्पताल) में मंगलवार को एक गर्भवती बिना टीका लगवाए पहुंची। जब वैक्सीन लगवाकर आने को कहा गया तो उसने जवाब दिया कि तीन बार गर्भपात हो चुका है। चौथी बार बहुत मुश्किल से गर्भ ठहरा है, यदि आप मेरे बच्चे की सुरक्षा की गारंटी दें, तो मैं कोरोना का टीका लगवा लूंगी।
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पहले जहां दिखाया, वहीं टीका लगाने से मना किया
केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल में दिखाने आने वाली गर्भवती ने न तो टीका लगवाया था, न लगवाने को तैयार थी। डॉक्टर ने जब उससे कारण पूछा तो उसने कहा कि पहले जहां दिखाया था, वहीं के स्टाफ ने टीका लगाने से मना किया।
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जरूर लगवाएं टीका, संक्रमण से बचाएगा
केजीएमयू में गर्भवतियों के लिए बनाए गए कोविड विंग की नोडल अधिकारी प्रो. निशा सिंह का कहना है कि क्वीन मेरी में रोज 100 के करीब गर्भवती पहुंचती हैं। इनमें 50 फीसदी में टीकाकरण को लेकर हिचक देखी जा रही है। प्रो. निशा कहती हैं कि हाल ही में तीन गर्भवती कोविड पॉजिटिव होकर भर्ती हुई हैं। कोरोना फैल रहा है, ऐसे में बार-बार दिखाने के लिए अस्पताल आना पड़ता है। जरूरी है कि गर्भवती टीका लगवा लें। यह संक्रमण से बचाएगा।
डफरिन में 90 फीसदी गर्भवती नहीं करा रहीं टीकाकरण
डफरिन अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीमा श्रीवास्तव कहती हैं कि हमारे यहां हर दिन 250-300 की ओपीडी होती है। हमने अलग से काउंसलर बैठाए हैं, एक कर्मचारी माइक लेकर लगातार आगाह करता रहता है। तब जाकर आने टीकाकरण वाली गर्भवती का प्रतिशत 10 तक पहुंचा है। 90 फीसदी अभी भी इससे दूर हैं।
भ्रम न पालें, जच्चा-बच्चा दोनों के लिए सुरक्षा कवच
जच्चा-बच्चा दोनों के लिए यह सुरक्षित है। आईसीएमआर की गाइड लाइन के मुताबिक भी गर्भवती को टीका लगाया जा सकता है, इसलिए भ्रम न पालें। कोविड टीका सुरक्षा कवच का काम करेगा।
- डॉ. प्रफुल्ल भारद्वाज, हेल्थ ऑफिसर, यूनिसेफ, यूपी