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कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ अधिनियम का सहारा लें महिलाएं : महिला कल्याण निदेशक
Fri, 23 Oct 2020 01:10 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 23 Oct 2020 01:10 AM IST
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यौन उत्पीड़न
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कार्य स्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाएं अधिनियम के कड़े प्रावधानों का सहारा ले सकती हैं। इसके लिए जिला स्तर पर डीएम की ओर से स्थानीय शिकायत समिति और सभी कार्यालयों में आंतरिक परिवाद समितियों का गठन किया गया है। यह बातें महिला कल्याण निदेशक मनोज राय ने बृहस्पतिवार को कहीं।
उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के तहत कोविड-19 की रोकथाम व सहायता विभाग के अंतर्गत संचालित समस्त संस्थाओं सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ट्वीटर व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं को उनके अधिकारों और कानून के प्रति जानकारी दी जा रही है।
राय ने कहा कि कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकार महिला संस्थान या संगठन की आंतरिक शिकायत समिति में शिकायत कर सकती है। यह समिति 90 दिनों में पीड़ित, आरोपी और गवाहों से पूछताछ कर अपनी जांच करती है। समितियों को सबूत जुटाने में सिविल कोर्ट की तरह शक्तियां दी गयी हैं। यदि नियोक्ता अधिनियम के प्रावधानों को पूरा करने में फेल होता है तो उसे 50 हजार रुपये तक अर्थदंड देना पड़ा सकता है।
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उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के तहत कोविड-19 की रोकथाम व सहायता विभाग के अंतर्गत संचालित समस्त संस्थाओं सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ट्वीटर व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं को उनके अधिकारों और कानून के प्रति जानकारी दी जा रही है।
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राय ने कहा कि कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकार महिला संस्थान या संगठन की आंतरिक शिकायत समिति में शिकायत कर सकती है। यह समिति 90 दिनों में पीड़ित, आरोपी और गवाहों से पूछताछ कर अपनी जांच करती है। समितियों को सबूत जुटाने में सिविल कोर्ट की तरह शक्तियां दी गयी हैं। यदि नियोक्ता अधिनियम के प्रावधानों को पूरा करने में फेल होता है तो उसे 50 हजार रुपये तक अर्थदंड देना पड़ा सकता है।
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